US Israel Iran War News: पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व में युद्ध की आग और भड़की, मोदी बोले- हर भारतीय को बचाएंगे

By नीरज कुमार दुबे | Mar 11, 2026

पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब बारहवें दिन और अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। लगातार हो रहे मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमलों से पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा संकट गहराता जा रहा है, वहीं ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक कूटनीति और नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ रहा है। इस बीच भारत सरकार ने खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर आश्वासन दिया है कि उन्हें किसी भी हालत में संकट में नहीं छोड़ा जाएगा।

इसे भी पढ़ें: हमारे लोगों की रक्षा कर रहे खाड़ी देश, लेकिन कांग्रेस...मध्य पूर्व संकट पर बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने विपक्षी कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इतनी बड़ी वैश्विक संकट की घड़ी में भी राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जानबूझकर उकसाने वाले बयान दे रही है ताकि स्थिति और खराब हो और बाद में राजनीतिक अभियान चलाया जा सके।

उधर युद्ध का असर खाड़ी क्षेत्र में सीधे दिखाई दे रहा है। दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास दो ड्रोन गिरने से चार लोग घायल हो गए, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। इसके अलावा दो घानाई और एक बांग्लादेशी नागरिक भी घायल हुए हैं। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश की वायु रक्षा प्रणाली ईरान से आए मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने में लगी हुई है और कई हमलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया गया।

सऊदी अरब ने भी बड़ी संख्या में ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार पूर्वी प्रांत, खाली मरुस्थल क्षेत्र और शायबा तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन तथा मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। वहीं कतर की राजधानी दोहा में भी कई विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद आंतरिक मंत्रालय ने लोगों से घरों में रहने और खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की।

इस युद्ध का असर अंतरराष्ट्रीय उड्डयन पर भी पड़ा है। बहरीन की विमान सेवा गल्फ एयर ने सुरक्षा कारणों से अपने कई विमान बहरीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हटाकर सऊदी अरब के सुरक्षित हवाई अड्डों पर भेज दिए हैं। क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र कुछ समय के लिए खुलने पर लगभग दस विमानों को स्थानांतरित किया गया।

इसके अलावा, समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक मालवाहक जहाज पर मिसाइल गिरने से उसमें आग लग गई और चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा। यह वही मार्ग है जिससे दुनिया के बड़े हिस्से तक तेल और गैस की आपूर्ति होती है। संघर्ष शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में लगभग बीस प्रतिशत तक उछाल आ चुका है।

उधर, ईरान ने इस संकट के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से बातचीत में कहा कि अमेरिका और इजराइल की आक्रामक कार्रवाइयों के कारण क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल तथा गैस की ढुलाई बाधित हुई है। ईरान ने आरोप लगाया कि नागरिक ठिकानों और एक बालिका विद्यालय पर मिसाइल हमले जैसे कई गंभीर हमले किए गए हैं।

ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि संघर्ष अब नई दिशा ले सकता है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों के दफ्तर और उनसे जुड़ा ढांचा भी संभावित निशाने की सूची में शामिल किया गया है, क्योंकि उनका उपयोग कथित रूप से इजराइली सैन्य गतिविधियों में हुआ है। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका और इजराइल से जुड़े बैंकों और आर्थिक संस्थानों को भी लक्ष्य बनाने की चेतावनी दी है।

इसी बीच इजराइल ने लेबनान में भी हमले तेज कर दिए हैं। पूर्वी लेबनान के एक भवन पर हुए हवाई हमले में कम से कम दस लोगों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हुए हैं। दक्षिणी लेबनान के बिंत जबैल इलाके में एक वाहन पर ड्रोन हमले की भी खबर है। लेबनान में संघर्ष तेज होने के बाद फ्रांस ने वहां साठ टन मानवीय सहायता भेजने की घोषणा की है।

वहीं, राजनयिक मोर्चे पर भी हलचल तेज है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान से पड़ोसी देशों पर हमले रोकने की मांग वाले प्रस्ताव पर मतदान होने वाला है। दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से बातचीत में कहा है कि तेहरान का क्षेत्रीय देशों से युद्ध करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने यदि जिम्मेदार पक्षों को जवाबदेह नहीं ठहराया तो वैश्विक सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

उधर, लगातार बढ़ते हमलों और असुरक्षा के माहौल के कारण हजारों विदेशी नागरिक खाड़ी क्षेत्र छोड़ रहे हैं। अमेरिका और ब्रिटेन ने बताया है कि उनके 85 हजार से अधिक नागरिकों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

बहरहाल, पश्चिम एशिया का यह संघर्ष अब वैश्विक चिंता का विषय बन गया है। ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, नागरिक सुरक्षा और कूटनीतिक संतुलन पर इसके दूरगामी प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ती जा रही है। वहीं भारत सहित कई देश अपने नागरिकों की सुरक्षा और सुरक्षित निकासी के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

प्रमुख खबरें

Donald Trump की Peace Deal में फंसा बड़ा पेंच, Frozen Assets को लेकर Iran-US में ठनी

Mithun Sankranti 2026: Mithun Sankranti का महापुण्य काल आज, जानें Lucky Time और सूर्य पूजा का Special महत्व

Anna Hazare Birthday: Jan Lokpal आंदोलन से सरकार की नींद उड़ाने वाले Anna Hazare, RTI कानून के भी रहे हैं असली हीरो

Monsoon Fashion Hacks: अब बारिश में भी नहीं होंगे कपड़े खराब, अपनाएं ये 5 Easy Style Tips