अपनी नाकामी छिपाने के लिए भारत में मौतों को बढ़ा-चढ़ाकर बता रहा अमेरिकी मीडिया

By डॉ. वेदप्रताप वैदिक | May 31, 2021

‘न्यूयार्क टाइम्स’ ऐसी बेसिर-पैर की खबर छाप सकता है, इसका विश्वास मुझे नहीं होता। उसमें 12 विशेषज्ञों के हवाले से यह छापा है कि भारत में पिछले साल भर में कोरोना से लगभग 42 लाख लोगों की मौत हुई है और 70 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमित या बीमार हुए हैं। क्या भारत के हर दूसरे आदमी को कोरोना हुआ है ? यह आंकड़ा कितना बनावटी है, इसका अंदाज आप इसी से लगा सकते हैं कि यह सर्वेक्षण करने वालों में पहले समूह ने माना है कि 40 करोड़ लोग संक्रमित हुए और सिर्फ 6 लाख लोग मरे। इसी सर्वेक्षण के दूसरे समूह ने कहा कि 53 करोड़ रोगी हुए और 16 लाख मरे। अब आप ही बताइए किसे सच मानें ? कहाँ 6 लाख और कहाँ 42 लाख ? इन डॉक्टरों ने छलांग भी छोटी-मोटी नहीं लगाई। वे पूरे सात गुनी ऊँचाई पर उछल पड़े। इतनी ऊँची छलांग तो कोई भांग खाकर ही लगा सकता है। वह जान-बूझकर भी लगाई जा सकती है।

इसे भी पढ़ें: टीकाकरण को लेकर देश में हावी राजनीति, क्या संकट में यह शोभा देता है ?

यह सर्वेक्षण पेश करने वाले 12 डॉक्टरों को क्या यह पता नहीं है कि एलोपेथी पर अरबों-खरबों रुपया खर्च करके भी अमेरिका इतना पिट लिया जबकि भारत अपने घरेलू मसालों, काढ़ों, आयुर्वेदिक, हकीमी और होम्योपेथी दवाइयों के दम पर कोरोनों से लड़ रहा है। पिछले साल यदि भारत की सभी सरकारें और जनता लापरवाही नहीं करतीं तो भारत में हताहतों का प्रतिशत नहीं के बराबर ही रहता। भारत ने लगभग 100 देशों को 6 करोड़ टीके दिए हैं और एलोपेथी-चिकित्सा करने में हमारे डॉक्टरों और नर्सों ने जबर्दस्त सेवा और कुबार्नियां की हैं लेकिन गैर-सरकारी अस्पतालों ने जो लूट-पाट मचाई है, क्या वैसी लूट-पाट भारतीय वैद्यों, हकीमों और होम्योपेथों ने मचाई है ? 

इसे भी पढ़ें: महामारी के दौर में सिर्फ आलोचना से कुछ नहीं होगा, भामाशाह की भाँति मदद कीजिये

यदि भारत में अमेरिका-जैसी स्वास्थ्य-सेवाएं होतीं तो कोरोना से हताहतों की संख्या यहाँ सैकड़ों या हजारों तक ही सीमित रहतीं। इसमें शक नहीं कि इस महामारी ने पूरे भारत को प्रकंपित कर दिया है और हमारी सरकारों और नेताओं की छवि को विकृत भी कर दिया है लेकिन यह भी न भूलें कि लगभग 20 करोड़ लोगों को टीके लग चुके हैं और ज्यादातर राज्यों की स्थिति में काफी सुधार है। केंद्र और राज्यों की सरकारें तथा अगणित जनसेवी संगठन गजब की सेवा और मुस्तैदी दिखा रहे हैं। अमेरिका सहित दर्जनों राष्ट्र भी भारत की यथासंभव सहायता करने में जुटे हुए हैं। भारत इससे जल्दी ही पार पाएगा।

-डॉ. वेदप्रताप वैदिक

प्रमुख खबरें

Adidas ने Gurugram Tech Team में की Layoffs, 20 प्रतिशत से कम पद प्रभावित

Varanasi में भाषण के दौरान CM Chandrababu Naidu ने हिंदी बोलकर जीता जनता का दिल

Coal Ministry ने शुरू किया Commercial Coal Auction का 16वां दौर, 25 ब्लॉक होंगे नीलाम

Semicon 2.0 से 1 लाख युवाओं को मिलेंगी नौकरियां, IT Minister Ashwini Vaishnaw का दावा