By अनुराग गुप्ता | Aug 27, 2021
काबुल। अफगानिस्तान के हालात किसी से भी छिपे नहीं हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावों से पहले अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों को निकालने की बात जरूर कही थी मगर उन्होंने वहां से सैनिकों बुलाने का निर्णय नहीं लिया था लेकिन मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन के अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने के निर्णय के साथ अफगानिस्तान में तालिबानियों का हौसला बुंलद हो गया था और अभी की स्थिति से हर कोई वाकिफ है। बीते दिनों काबुल में आत्मघाती हमला हुआ जिसमें 13 अमेरिकी सैनिक समेत 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।
एक सैन्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मूलत: वे उन सभी अफगानों को हत्या की सूची में रखना चाहते हैं। यह निराशाजनक एवं दुखदायी है। वहीं इस विषय पर राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि इस तरह की कोई सूची है लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं किया कि अमेरिका कभी-कभी तालिबान को ऐसे नामों की सूची देता है।