By अभिनय आकाश | Oct 29, 2026
इस वक्त दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति यानी अमेरिका के रक्षा मुख्यालय यानी कि पेंटागन में कुछ अलग तरह का ही नजारा देखने को मिल रहा है। बाहर दुनिया को संदेश दिया जा रहा है कि अमेरिका कभी भी ईरान पर भीषण हवाई हमला कर सकता है। खाड़ी में एक के बाद एक तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भेजा जा चुका है। हजारों सैनिकों को रणभूमि की ओर रवाना किया जा रहा है। लेकिन अमेरिका के घर के अंदर यानी पेंटागन के सबसे सुरक्षित कमरों में क्या हो रहा है? वहां एक-एक करके सेना के सबसे काबिल रणनीतिकारों के विकेट गिराए जा रहे हैं। पेंटागन से इस वक्त की जो सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, ट्रंप प्रशासन के रक्षा मंत्री पीट हेक्कसेथ ने अमेरिकी सेना के चीफ मिलिट्री प्लानर लेफ्टिनेंट जनरल ब्रद सिलविया को उनके पद से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। सोचिए जब ईरान पर किसी भी क्षण युद्ध का बड़ा सायरन बच सकता था। यूं कह सकते हैं तब जंग का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार करने वाले सबसे बड़े जनरल को बिना कोई कारण बताए बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। यानी कि आउट कर दिया गया।
अब अगर आपको यह लग रहा है कि यह सिर्फ एक रूटीन तबादला है या छोटा-मोटा फेरबदल है तो इस आंकड़े को ध्यान से सुनिए। पीट हैक्सेथ के रक्षा मंत्री बनने के बाद J5 की कुर्सी से हटाए जाने वाले ब्रिट दूसरे शीर्ष जनरल हैं। इससे पहले भी पिछले साल अक्टूबर में उनके पूर्ववती लेफ्टिनेंट जनरल जोसेफ को भी जबरन रिटायरमेंट लेने पर मजबूर कर दिया गया था। यानी महज चंद महीनों के भीतर पेंटागन के सबसे अहम स्ट्रेटेजिक पद पर बैठे दो-दो फोर स्टार और थ्री स्टार स्तर के जनरल की छुट्टी कर दी गई। इतना ही नहीं हेक्सेथ के आने के बाद से अब तक करीब दो दर्जन यानी कि लगभग 24 शीर्ष जनरलों, एडमिरलों और उच्च अधिकारियों को या तो बर्खास्त किया जा चुका है या उन्हें रिटायर होने पर मजबूर कर दिया गया। इसमें सेना और नौसेना के नागरिक सचिव तक शामिल हैं। अब सवाल यह है कि आखिर ट्रंप प्रशासन और रक्षा मंत्री पीट ऐसा क्यों कर रहे हैं? दरअसल पीट हेक्सेथ ने पिछले महीने मरीन कॉप्स बेस कंटिको में जूनियर अधिकारियों और सैनिकों को संबोधित करते हुए अपने एजेंडे को बिल्कुल साफ कर दिया था। उन्होंने कहा था कि पेंटागन में शीर्ष सैन्य अधिकारियों यानी कि जनरलों और फ्लैग ऑफिसर्स की तादाद जरूरत से ज्यादा हो चुकी है। वर्तमान में अमेरिका में करीब 800 जनरल और फ्लैग ऑफिसर स्तर के पद हैं। हेक्सेथ ने आदेश दिया कि 1 जनवरी 2027 तक इन उच्च पदों से 20% यानी 20% तक की सीधी कटौती की जाए। हैक्स का तर्क यह है कि यह कोई बदले की कारवाही नहीं बल्कि लंबे समय से लंबित जवाबदेही तय करने का कदम है। उनका कहना है कि सेना के शीर्ष स्तर पर नौकरशाही हावी हो चुकी है और इसे चुस्त बनाने की जरूरत है।