By अभिनय आकाश | Jul 10, 2026
दुनिया की सुपर पावर समझने वाला अमेरिका अपने हथियारों पर किस तरह से गुरूर करता है यह पूरी दुनिया कई मौकों पर देख चुकी है और इन हथियारों के दम पर ट्रंप तो कई देशों पर कब्जा करने की प्लानिंग भी करते रहते हैं। हाल ही में हथियारों से घेर कर अमेरिका ने कैसे वेनेजुएला को अपने कब्जे में ले लिया था। लेकिन अब यही हथियार अमेरिका की इज्जत मिट्टी में मिलाते हुए धुआधुआ हो रहे हैं। दुनिया की सबसे ताकतवर नौसेना में गिनी जाने वाली अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत को लेकर ऐसी खबर सामने आई है जिसने ट्रंप को बेचैन कर दिया है। खबर है कि अमेरिका के युद्धपोतों में लगातार आग लग रही है। दरअसल युद्धप समुद्र में देश की रक्षा करने वाले बाहुबली होते हैं। इनका काम दुश्मन की पनडुब्बियों और जहाजों को खोजना, मिसाइलें दागना और तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा करना होता है। यानी कि युद्ध के दौरान इनकी भूमिका बहुत ही अहम होती है।
दरअसल अमेरिकी के युद्धपथों पर आग लगने के कारण शॉर्ट सर्किट, ओवरलोडेड इलेक्ट्रिकल सिस्टम, इंजन रूम में ईंधन या तेल का रिसाव, मेंटेनेंस के दौरान मानवीय गलतियां जैसी वजह सामने आई है। लगातार ऑपरेशन का दबाव, रखरखाव और मेंटेनेंस में देरी, आग लगने के कारण रहे हैं। अमेरिकी नौसेना गेंद पोत दुनिया के लगभग हर रणनीतिक समुद्री क्षेत्र में तैनात रहते हैं। लंबे समय तक लगातार समुद्र में रहने से इंजन, बिजली और अन्य सिस्टम पर ज्यादा दबाव पड़ता है। कई बार समय पर मेंटेनेंस नहीं होने के चलते आग लग जाती है। मरम्मत और सर्विसिंग में देरी से छोटी-छोटी खराबियां भी बड़ी बन जाती है। अमेरिकी नौसेना लंबे समय से शिपयार्ड क्षमता और मेंटेनेंस, बैक लॉक से परेशान भी है। आधुनिक उदोतों की लगभग हर क्षमता बिजली पर निर्भर होती है। इलेक्ट्रिकल फेल होने पर कई सिस्टम एक साथ प्रभावी हो सकते हैं और आग लगने जैसी स्थिति आ सकती है। एडवांस्ड इलेक्ट्रिकल और ऑटोमेटेड सिस्टम पर बहुत ज्यादा निर्भर रहने पर युद्धपोतों के लिए खतरा बताया गया है। यानी कि अमेरिकी नौसेना के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब ज्यादा एडवांस युद्धपोतें बनाना नहीं बल्कि उनकी सही तरीके से मेंटेनेंस करना है।