Vedanta ने South Africa में 600 Million Dollar निवेश कर Zinc उत्पादन क्षमता दोगुनी की

By Ankit Jaiswal | Oct 18, 2026

खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांता लिमिटेड ने दक्षिण अफ्रीका में जिंक के उत्पादन को बढ़ाने के लिए करीब 600 मिलियन डॉलर का निवेश किया है। इस निवेश के जरिए कंपनी ने अपनी गाम्सबर्ग खदान की सालाना उत्पादन क्षमता को दोगुना करके 500,000 टन कर दिया है। कंपनी का लक्ष्य भारत और दक्षिण अफ्रीका में अपने सभी प्लांट्स से मिलकर हर साल 3 मिलियन टन जिंक का उत्पादन करना है।

इस विस्तार के साथ वेदांता वैश्विक जिंक बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है। कंपनी की योजना भारत और दक्षिण अफ्रीका में कुल सालाना उत्पादन को 3 मिलियन टन तक पहुंचाने की है। इसके तहत भारत में काम करने वाली हिंदुस्तान जिंक से 2 मिलियन टन और दक्षिण अफ्रीका में वेदांता जिंक इंटरनेशनल से 1 मिलियन टन सालाना उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। 

गौरतलब है कि गाम्सबर्ग परियोजना दक्षिण अफ्रीका में वेदांता की 21 अरब रैंड यानी करीब 1.5 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता का हिस्सा है। कंपनी ने 2018 में दक्षिण अफ्रीका निवेश सम्मेलन के दौरान यह प्रतिबद्धता जताई थी। ताजा निवेश ऐसे समय में हुआ है, जब भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

पिछले महीने नई दिल्ली में हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने भारत से अपने देश के प्रमुख उद्योगों में ज्यादा निवेश करने की अपील की थी। गाम्सबर्ग परियोजना को इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। रामाफोसा ने उद्घाटन समारोह में कहा कि यह निवेश अब केवल घोषणा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि निर्माण से आगे बढ़कर उत्पादन तक पहुंच गया है। उन्होंने नॉर्दर्न केप में जिंक गलाने की इकाई लगाने की वेदांता की योजना का भी स्वागत किया।

वेदांता की निदेशक प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा कि यह परियोजना दक्षिण अफ्रीका के साथ कंपनी के लंबे समय तक बने रहने वाले संबंधों को दिखाती है। उन्होंने कंपनी के संस्थापक और अध्यक्ष अनिल अग्रवाल के उस विचार का भी जिक्र किया, जिसके तहत देश के खनिज संसाधनों का इस्तेमाल उद्योगों के विकास, रोजगार और लोगों के लिए नए अवसर पैदा करने में किया जाना है।

कंपनी का निवेश केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। वेदांता ने 2011 में वेदांता जिंक इंटरनेशनल का अधिग्रहण करने के बाद से दक्षिण अफ्रीका में सामाजिक योजनाओं पर करीब 20 मिलियन डॉलर खर्च किए हैं। इन योजनाओं में स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, रोजगार, बुनियादी सुविधाएं और जरूरतमंद लोगों की मदद शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, इन पहलों से हर साल 32,000 से ज्यादा लोगों को लाभ मिलता है।

इसी साल कंपनी ने नामाक्वा में कैंसर के इलाज के लिए एक केंद्र भी शुरू किया है। बता दें कि जिंक  का इस्तेमाल निर्माण, वाहन उद्योग और बुनियादी ढांचे में बड़े पैमाने पर होता है। इससे लोहे और इस्पात पर जंग लगने से बचाने वाली परत बनाई जाती है, जिससे उनकी उम्र बढ़ती है। ऐसे में वेदांता की यह परियोजना उत्पादन बढ़ाने के साथ औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में भी अहम मानी जा रही है।

प्रमुख खबरें

Manipur के Kamjong में हमले के बाद SP Tholu Rocky का तबादला

Punjab Kings के Priyansh Arya दोहरे शतक से 1 रन चूके, Ranji Trophy में बनाए 199 रन

IIT Bombay के छात्र साहिल वाकोडे मौत मामले में प्रदर्शन कर रहे 22 छात्र हिरासत में

Delhi Police ने प्रदर्शनकारियों से मारपीट मामले में दर्ज कीं 10 FIR, 5 गिरफ्तार