By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 03, 2021
प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि जब गाय का कल्याण होगा, तभी इस देश का कल्याण होगा और कभी कभी यह देखकर बहुत कष्ट होता है कि गाय के संरक्षण और संवर्धन की बात करने वाले ही गाय के भक्षक बन जाते हैं। न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने बुधवार को याचिकाकर्ता जावेद की जमानत याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। जावेद पर आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वादी खिलेंद्र सिंह की गाय चुराई और उसका वध किया।
अदालत ने कहा, “गाय के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य केवल एक मत, धर्म, संप्रदाय का नहीं है, बल्कि गाय भारत देश की संस्कृति है और संस्कृति को बचाने का कार्य देश में रहने वाले हर नागरिक का है चाहे वह किसी भी धर्म का हो या उपासना करने वाला हो।” अदालत ने कहा, “ऐसे सैकड़ों उदाहरण हमारे देश में हैं कि जब जब हम अपनी संस्कृति को भूले, तब तब विदेशियों ने हम पर आक्रमण कर हमें गुलाम बनाया। अफगानिस्तान पर निरंकुश तालिबान का आक्रमण और कब्जे को भी हमें नहीं भूलना चाहिए।