By अभिनय आकाश | Oct 09, 2025
समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान के जेल से बाहर आने के बाद से ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में अटकलों का बाजार गर्म हो चला है। चर्चा ये चली की आजम खान बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम सकते हैं। अब इसको लेकर मायावती ने लखनऊ में आयोजित विशाल रैली में बयान दिया है। आज़म खान के बारे में अफवाहों के विषय पर, बसपा प्रमुख मायावती ने सीधे तौर पर उनका नाम लिए बिना कहा कि पिछले महीने झूठी खबरें फैलने लगी थीं, जिनमें दावा किया गया था कि अन्य दलों के नेता बसपा में शामिल हो रहे हैं और उन्होंने दिल्ली और लखनऊ में उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने स्पष्ट किया, "मैंने किसी से मुलाकात नहीं की है। मैं किसी से गुप्त रूप से नहीं मिलती।
मायावती ने कहा उन्होंने अपने रखरखाव पर एक रुपया भी खर्च नहीं किया। टिकटों से मिलने वाली कमाई भी उन्होंने अपने पास रख ली। लेकिन अब जब वे सत्ता से बाहर हैं, तो वे यह कहकर सुर्खियाँ बटोर रहे हैं कि वे कांशीराम जी के सम्मान में सेमिनार आयोजित करेंगे। सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि अगर वह सचमुच बसपा संस्थापक का सम्मान करते तो अलीगढ़ मंडल के कांशीराम नगर जिले का नाम बदलकर कासगंज नहीं करते। हमने विश्वविद्यालयों और संस्थानों का नाम कांशीराम जी और अन्य महापुरुषों के नाम पर रखा और अनेक कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं, लेकिन सपा सरकार ने उन सबको बंद कर दिया। यह दोहरा चरित्र नहीं तो और क्या है?