By अभिनय आकाश | Jan 23, 2026
रूसी तेल को लेकर भारत के पीछे पड़े अमेरिका और पश्चिमी देशों में बवाल तब मच गया जब उन्हें यह पता चला कि भारत अब रूस से ऐसी चीज खरीद रहा है जिस पर सेंशंस का भी असर नहीं होता। यह ऐसी चीज है जिसने अमेरिकी डॉलर की जड़े काटनी शुरू कर दी हैं। रूस की एक न्यूज़ एजेंसी ने बताया है कि भारत ने पिछले साल के पहले 10 महीनों में रूस से $5 करोड़ डॉलर यानी करीब 458 अरब भारतीय रुपए से ज्यादा का सोना खरीद लिया है। भारत ने विदेशों में जमा अपना सोना देश वापस लाना शुरू कर दिया है। भारत ने दुनिया की सबसे सेफ इन्वेस्टमेंट माने जाने वाले यूएस ट्रेजरी बॉन्ड्स को बेचना शुरू कर दिया है। उसकी जगह भारत ने रिकॉर्ड तोड़ सोना खरीदना शुरू कर दिया है। दरअसल अमेरिका के खिलाफ पूरी दुनिया में एक साइलेंट क्रांति शुरू हो गई है। अब इसी क्रांति को भारत और रूस ने अचानक नया मोड़ दे दिया है। अभी तक अमेरिका के ट्रेजरी बॉन्ड्स को दुनिया की पहली पसंद माना जाता था। यूएस ट्रेजरी बॉन्ड्स दुनिया की सबसे सेफ इन्वेस्टमेंट में गिने जाते थे। यूएस ट्रेजरी बॉन्ड्स ट्रस्ट का दूसरा नाम बन चुके थे।
इनमें सबसे ज्यादा डर भारत और चीन को था। यहीं से दुनिया के कई देशों का अमेरिकी डॉलर से भरोसा उठने लगा क्योंकि अमेरिका अपने डॉलर का इस्तेमाल हथियार की तरह करने लगा था। लेकिन भारत ने अमेरिका की इस स्ट्रेटजी को पलट कर रख दिया है। पिछले कुछ समय में रूस ने अपने गोल्ड रिजर्व्स को डबल कर लिया है। भारत भी विदेशी बैंकों में जमा अपना सोना वापस देश ला रहा है। सैकड़ों टन नया सोना खरीदा जा रहा है। यूएस ट्रेजरी बॉन्ड्स को बेचा जा रहा है। भारत और रूस को समझ आ गया है कि जंग का असर डॉलर पर तो पड़ सकता है लेकिन सोने पर नहीं पड़ेगा।