अपने निजी विमान में दोस्त मोदी को उड़ाकर कहां ले गए मैक्रों? मिल गया पुतिन सा एक और यार

By अभिनय आकाश | Feb 12, 2025

भारत के सबसे पुरानी और जांचे परखे दोस्त रूस का जिक्र जब भी आता है तो हम हिंदुस्तानी की बांछे खिल उठती है। भारत का सबसे खास दोस्त रूस और उसका समय समय पर हिंदुस्तान के लिए खड़ा रहना। इससे पूरी दुनिया वाकिफ भी  है। पीएम मोदी ने पुतिन संग मिलकर उस दोस्ती के रंग को और गाढ़ा किया है।  पुतिन की तरह ही मोदी के एक और दोस्त हैं जो उन्हें प्यार से प्रिय नरेंद्र कहकर संबोधित करते हैं। ये नाम फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का है। दोनों के बीच की कैमेस्ट्री को देखकर ऐसा कहा जा सरका है कि रूस और भारत की दोस्ती के जैसे चर्चे देश दुनिया में होते हैं। वो दिन भी दूर नहीं जब भारत और फ्रांस की दोस्ती के तराने छेड़े जाएंगे। इसकी बानगी प्रधानमंत्री मोदी के चल रहे पेरिस दौरे के दौरान देखने को मिल रही है। यहां मैक्रों ने जिस तरह से मोदी के लैंड करते ही उन्हें लपक कर गले लगाना हो या जहां जहां भी मोदी जा रहे वो वहां साए की तरह उनके साथ कदम बढ़ाना हो। कुलमिलाकर कहे तो मैक्रों ने मोदी की आवभगत में कोई कमी नहीं छोड़ी है। 

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संयुक्त बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी और मैक्रॉन ने द्विपक्षीय संबंधों और प्रमुख वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के पूर्ण स्पेक्ट्रम पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जो पिछले 25 वर्षों में तेजी से एक बहुआयामी रिश्ते में विकसित हुई है। इससे पहले पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने संयुक्त रूप से फ्रांस के मार्सिले शहर में भारत के नए वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया। भीड़ के जयकारे के बीच बटन दबाकर उद्घाटन किया गया। इनमें से कई लोग भारत और फ्रांस दोनों के राष्ट्रीय झंडे लेकर आए थे, जबकि कुछ ने तिरंगे रंग की टोपी पहन रखी थी, जिससे इस मौके पर रंगत और बढ़ गई।

 उद्घाटन से पहले, मोदी और मैक्रॉन ने ऐतिहासिक मजारगुएस कब्रिस्तान का दौरा किया और महान युद्ध में बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। मजारगुएस कब्रिस्तान में आयोजित एक समारोह में पीएम मोदी ने तिरंगे थीम वाले फूलों से बनी पुष्पांजलि अर्पित की। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान अपने फ्रांसीसी समकक्षों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ते हुए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए, मोदी ने उस प्रतिष्ठित स्थल पर हाथ जोड़कर और नम्र प्रणाम करके श्रद्धांजलि अर्पित की, जहां एक 'भारतीय स्मारक' भी है।


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