दिल्ली में Atishi को झंडा फहराने से कौन रोक रहा? AAP क्यों लगा रही LG पर आरोप?

By अंकित सिंह | Aug 13, 2024

दिल्ली सरकार के वार्षिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने से दो दिन पहले ध्वज फहराने वाले के नाम को लेकर रहस्य बना हुआ है। बड़ा सवाल यही है कि दिल्ली में इस बार तिरंगा कौन फहराएगा? दिल्ली सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के मंत्री गोपाल राय ने तिहाड़ जेल में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ बैठक के दौरान इस आशय के निर्देश प्राप्त करने के बाद अपनी कैबिनेट सहयोगी आतिशी को तिरंगा फहराने के लिए तैयारियों के संबंध में निर्देश जारी किए, जिसके एक दिन बाद विभाग ने मंगलवार को इन्हें "कानूनी रूप से अमान्य" करार देते हुए वापस लिखा।

हालांकि, रहस्य बना हुआ है कि राष्ट्रीय ध्वज कौन फहराएगा। आम आदमी पार्टी अब उपराज्यपाल वी के सक्सेना और भाजपा पर हमलावर हो गई है। आतिशी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेस में कहा कि 15 अगस्त को हम देश की आजादी का जश्न मनाने और आम लोगों की आवाज को बुलंद करने के लिए तिरंगा झंडा फहराते हैं। उन्होंने कहा कि 1947 से पहले देश में अंग्रेजों का शासन था और वह अपनी मर्जी से यहां शासन चलाते थे। आज दिल्ली की चुनी हुई सरकार को झंडा फहराने के अधिकार से रोका जा रहा है तो लगता है कि दिल्ली में कोई नए वायसराय आ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि LG साहब दिल्ली की चुनी हुई सरकार को झंडा फहराने से रोक रहे हैं। इससे बड़ी तानाशाही और क्या हो सकती है? अब हमें देखना है कि बीजेपी लोकतंत्र के साथ है या तानाशाही के साथ खड़ी है।

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मंत्री ने आगे बताया कि दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस पर चुनी हुई सरकार और मुख्यमंत्री को झंडा फहराने का अधिकार है। लेकिन वह अभी न्यायिक हिरासत में हैं तो उन्होंने मंत्री होने के नाते मुझे झंडा फहराने को कहा। इसके लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ने पत्र लिखा और आदेश दिया कि 15 अगस्त को मंत्री होने के नाते मैं झंडा फहराऊं लेकिन अधिकारियों ने इस आदेश को भी मानने से इनकार कर दिया। इससे पहले दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वतंत्रता के इस पवित्र अवसर पर ओछी राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि मैं अखबारों में पढ़ता रहता हूं कि जब ठग सुकेश पत्र लिखता है तो तिहाड़ के अधिकारी उसे एलजी को सौंप देते हैं और एलजी उस पर कार्रवाई करते हैं। लेकिन जब दिल्ली के निर्वाचित मुख्यमंत्री पत्र लिखते हैं तो एलजी तिहाड़ के अधिकारियों को पत्र भेजने से रोक देते हैं। 

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