By एकता | Jul 21, 2024
संसद का बजट सत्र शुरू होने वाला है, जिससे पहले आज रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गयी। इस बैठक में, कांग्रेस के जयराम रमेश, गोगोई और केसुरेश,एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी,राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अभय कुशवाहा, जनता दल (यूनाइटेड) के संजयझा, आम आदमी पार्टी (आप) के संजय सिंह,समाजवादी पार्टी (सपा) के राम गोपाल यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रफुल्ल पटेल समेत कई अन्य नेता मौजूद थे। बता दें, इस बैठक में विपक्ष के लिए कांग्रेस ने लोकसभा उपाध्यक्ष के पद की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने नीट सहित अन्य परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक और सीबीआई, ईडी जैसी जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का भी मुद्दा उठाया।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा, 'मैंने बेरोजगारी, महंगाई का मुद्दा उठाया और मांग की कि अग्निवीर योजना को खत्म किया जाना चाहिए। नशे की लत के मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। छोटी पार्टियों को संसद में बोलने के लिए अधिक अवसर दिए जाने चाहिए।' वाईएसआरसीपी सांसद विजय साई रेड्डी ने कहा, 'आंध्र प्रदेश में कानून और व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। हमने सरकार से आंध्र प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की अपील की है। टीडीपी विशेष श्रेणी के दर्जे का मुद्दा नहीं उठा रही है। उन्होंने लोगों के मुद्दों के साथ समझौता किया है।'
सर्वदलीय बैठक पर आप नेता संजय सिंह ने कहा, 'आज सर्वदलीय बैठक में कई मुद्दे उठाए गए। जांच एजेंसियों का जिस प्रकार से दुरुपयोग हो रहा है, ED को जो ताकत PMLA को लेकर दी गई है उसे वापस लिया जाए। बजट अभी आने वाला है लेकिन बजट मैं लीक कर सकता हूं कि दिल्ली को 325 करोड़ से ज्यादा नहीं मिलेगा। पिछले कई सालों से ऐसा ही होता आ रहा है। हम लाखों करोड़ का टैक्स देते हैं लेकिन हमें 325 करोड़ से ज्यादा नहीं मिलता।'
एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, 'ये औपचारिकताएं हैं, हर सत्र से पहले ऐसी बैठकें बुलाई जाती हैं... सभी दलों ने बजट सत्र पर अपने सुझाव दिए हैं। कई दलों ने अपने-अपने राज्यों के मुद्दे उठाए हैं। मैंने जो सुझाव दिया है वो ये है कि सत्र बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चलना चाहिए, जो अब व्यवधान और अराजकता पैदा करने की परंपरा बन गई है। सभी मामलों पर चर्चा और बहस होनी चाहिए, लेकिन शांतिपूर्वक डिप्टी स्पीकर के पद को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। मुझे लगता है कि सरकार को इस मुद्दे के लिए एक अलग बैठक बुलानी चाहिए जिसमें सरकार और विपक्ष एक साथ बैठकर चर्चा करें।'