By नीरज कुमार दुबे | Apr 19, 2024
प्रभासाक्षी की चुनावी यात्रा जब चेन्नई सेंट्रल संसदीय सीट पर पहुँची तो पाया कि निवर्तमान सांसद दयानिधि मारन के खिलाफ नाराजगी काफी थी। लोगों ने कहा कि वह क्षेत्र की जनता से नहीं मिलते हैं और संसद में भी क्षेत्र से जुड़े मुद्दे नहीं उठाते हैं। लोगों की शिकायत थी कि जब यह क्षेत्र बाढ़ से जूझ रहा था तब यहां के सांसद पूरी तरह गायब थे। जब हमने यह जानने का प्रयास किया कि क्या यह नाराजगी द्रमुक को चुनावों में भारी पड़ेगी तो कई लोगों का कहना था कि ऐसा हो सकता है लेकिन अधिकांश लोग इस पक्ष में दिखे कि द्रमुक का साथ देना चाहिए क्योंकि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन लोगों की मदद करते हैं। लोगों ने कहा कि यदि स्टालिन यहां से प्रत्याशी बदल देते तो अच्छी बात होती।
2024 में दयानिधि मारन अपनी सीट बरकरार रखने के लिए फिर से चुनाव लड़ रहे हैं और भाजपा के विनोज पी. सेल्वम से मुकाबला कर रहे हैं। भाजपा उम्मीदवार विनोज पी. सेल्वम वर्तमान में तमिलनाडु में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर हैं। 2021 के विधानसभा चुनावों में विनोज पी. सेल्वम हार्बर विधानसभा क्षेत्र में करीबी मुकाबले में हार गये थे। उस समय उन्होंने डीएमके के पीके शेखर बाबू के खिलाफ 31.52% वोट हासिल किए थे। उसके बाद से वह इस क्षेत्र में लगातार समाज सेवा के कामों में लगे रहे। चेन्नई में बाढ़ के दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों की हर तरह से मदद करके उनका दिल जीता था। वह चूंकि युवा हैं इसलिए उनके पास युवाओं की अच्छी खासी टीम भी है जोकि हमें चुनावों के समय उनके लिए काम करती नजर आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विनोज के लिए चुनाव प्रचार किया था। विनोज चुनाव प्रचार के दौरान दयानिधि मारन को नॉन परफॉर्मर बताते हुए उन पर निशाना साधते रहे। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों को ऐसे व्यक्ति को मौका देना चाहिए जो उनकी आवाज को संसद में उठा सके और उनके बीच रह कर उनके मुद्दों को हल कर सके।
हमने इस क्षेत्र के कई इलाकों का दौरा कर विनोज के बारे में जब लोगों की राय जानी तो कई लोगों ने उनका समर्थन किया। हालांकि सबने यही कहा कि द्रमुक शक्तिशाली पार्टी है और भाजपा अभी धीरे-धीरे अपने कदम आगे बढ़ा रही है। लोगों का कहना था कि यदि इस बार द्रमुक जीत भी गयी तो भी विनोज को निराश नहीं होना चाहिए क्योंकि जनता उनके साथ जुड़ रही है और आने वाला कल उनका ही है।