By अनन्या मिश्रा | Sep 24, 2026
वायरल के खत्म होने के बाद भी हफ्तों तक खांसी की समस्या बनी रह सकती है। खासकर फ्लू या फेफड़ों के इंफेक्शन की स्थिति में खांसी की समस्या जल्दी ठीक नहीं होती है। धूल-मिट्टी, ठंडी हवा, तेल महक और लंबे समय तक बातचीत करना आदि भी खांसी को ट्रिगर कर सकता है। ऐसी स्थिति में पर्याप्त आराम करें, ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लें, धूम्रपान से बचें और ह्यूमीडिफाइड हवा में सांस लेना चाहिए। इससे रिकवरी में मदद मिलती है।
इसे भी पढ़ें: Health Tips: Morning और Evening Sunlight में फर्क समझें, Circadian Rhythm के लिए दोनों जरूरी
सीने में दर्द होना
सांस लेने में परेशानी होना
कई हफ्तों से ज्यादा बनी रहने वाली खांसी
बार-बार बुखार आना
लगातार वेट कम होना
खांसी के चलते नींद में दखल
कफ के साथ खून आना
सांस में सीटी की आवाज आना आदि
पुरानी फेफड़ों से जुड़ी बीमारी, अस्थमा, कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को वायरल इंफेक्शन होने पर अधिक सावधारी बरतनी चाहिए। क्योंकि इंफेक्शन पुरानी बीमारियों को ट्रिगर कर सकता है। जिनके लक्षण पहले नहीं दिखे या नहीं दिखे या फिर उनका इलाज सही समय पर नहीं किया गया।
आमतौर पर एक गलती जो अधिकतर लोग करते हैं, वह यह है कि जब इंफेक्शन ठीक होने के बाद भी खांसी नहीं जाती है, तो लोग खांसी की समस्या को ठीक करने के लिए एंटी-बायोटिक्स लेने लगते हैं। दरअसल, इंफेक्शन के बाद ज्यादातर खांसी बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण नहीं होती है। ऐसे में जब तक डॉक्टर की सलाह न हो, तब तक खांसी को ठीक करने के लिए एंटी-बायोटिक्स नहीं लेना चाहिए।
रिकवरी का मतलब यह नहीं होता है कि बुखार जा चुका है। फेफड़ों को रिकवरी में समय लगता है। इसलिए खांसी न जाने की स्थिति में घबराना नहीं चाहिए, खुद को थोड़ा समय दें औऱ जरूरत होने पर डॉक्टर से परामर्श करें।