World Press Freedom Day: लोकतंत्र का चौथा स्तंभ क्यों है अहम? Human Rights के लिए जानें इसका महत्व

By अनन्या मिश्रा | May 03, 2026

हर साल 03 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य प्रेस की स्वतंत्रता के मूल सिद्धांतों का सम्मान करने के साथ दुनियाभर में स्वतंत्र और निष्पक्ष मीडिया के महत्व के प्रति जागरुकता फैलाना है। साल 1993 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस दिन की शुरूआत की गई थी। जिसकी प्रेरणा से साल 1991 में विंडहोक घोषणा से ली गई थी। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पत्रकारों को बिना किसी पक्षपात और दबाव के काम करने की आजादी पर जोर देता है।

इतिहास

साल 1993 से विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस का इतिहास जुड़ा है। जब यूनेस्को की जनरल कॉन्फ्रेंस की सिफारिश पर 'यूनाइटेड नेशन्स जनरल असेंबली' ने ऑफिशियल रूप से इस दिवस की घोषणा की थी। जिसके बाद से हर साल 03 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाने लगा था। साल डेट साल 1991 में अपनाई गई थी। यह Windhoek Declaration की वर्षगांठ को दिखाती है। जिसने स्वतंत्र और बहुलतावादी मीडिया के महत्व के रेखांकित किया था। यह दिन दुनियाभर में प्रेस की आजादी को बढ़ावा देने और पत्रकारों के अधिकारों के प्रति जागरुकता फैलाने को महत्व देता है।

महत्व

इस दिन का महत्व इस बात में निहित है कि यह समाज में निष्पक्ष और स्वतंत्र मीडिया की भूमिका को रेखांकित करता है। यह दिन प्रेस की आजादी के महत्व को समझाने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने और पत्रकारों की सुरक्षा पर ध्यान आकर्षित करने का मौका देता है। यह एक मजबूत लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र मीडिया जरूरी है। क्योंकि यह सत्ता को जवाबदेह बनाता है और जनता तक सही जानकारी पहुंचाता है।

थीम

इस बार इस दिन 'Shaping a Future at Peace: Promoting Press Freedom for Human Rights, Development, and Security' थीम रखी गई है। जोकि इस बात पर जोर देती है कि मानवाधिकारों की रक्षा, सतत विकास, शांति और वैश्विक सुरक्षा के लिए स्वतंत्र प्रेस बेहद जरूरी है।

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