By अनन्या मिश्रा | Apr 17, 2026
हर साल पूरी दुनिया में 17 अप्रैल को विश्व हीमोफीलिया दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य एक गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के साथ समय पर सही देखभाल को बढ़ावा देना है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि सही समय और सही जानकारी होने पर मरीजों का जीवन काफी हद तक बेहतर बनाया जा सकता है। इस मौके पर विभिन्न देशों में स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता कार्यक्रम और अभियान आयोजित किए जाते हैं। जिससे लोगों को इस स्थिति के बारे में सही जानकारी मिल सके।
जोड़ों में सूजन और दर्दहोना
शरीर पर नीले-नीले निशान बनना
चोट लगने पर लंबे समय तक खून बहना
बिना वजह नाक से खून आना
छोटे घाव का भी देर से ठीक होना
साल 1989 में पहली बार वर्ल्ड फेडरेशन फॉर हीमोफीलिया द्वारा विश्व हीमोफीलिया दिवस की शुरुआत पहली बार हुई थी। यह दिन WFH के संस्थापक फ्रैंक श्नाबेल के जन्मदिन के रूप में चुना गया था। इस दिन को मनाए जाने का उद्देश्य दुनियाभर में इस स्थिति के प्रति जागरुकता फैलाना और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है।
हर साल इस दिन एक खास थीम रखी जाती है। इस साल 'निदान: देखभाल की पहली सीढ़ी' थीम रखी गई है। यह थीम इस ओर ध्यान आकर्षित करती है कि बीमारी के इलाज और देखभाल की शुरुआत सही पहचान से होती है।