By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 07, 2026
चेतेश्वर पुजारा हैरान हैं कि ऋषभ पंत जैसा बेहतरीन बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन को आईपीएल में दोहराने में नाकाम रहा है जहां बाएं हाथ के इस बल्लेबाज का रिकॉर्ड काफी साधारण रहा है।
पंत टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर पहली पसंद बने हुए हैं लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेटर में उनकी स्थिति कमजोर हुई है।
जियोहॉटस्टार के विशेषज्ञ पुजारा ने बुधवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, ‘‘मैं भी बहुत हैरान हूं क्योंकि ऋषभ पंत जैसा बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट में किसी भी गेंदबाज को निशाना बना सकता है लेकिन जब हम उनके आईपीएल के आंकड़ों को देखते हैं तो वे टेस्ट क्रिकेट जितने अच्छे नहीं लगते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह मानसिकता से जुड़ा मामला भी है। ऋषभ जिस तरह से खेलते हैं उसमें थोड़ी और स्पष्टता होनी चाहिए।’’ पुजारा ने कहा, ‘‘मुझे अब भी लगता है कि पंत जैसा बल्लेबाज खेल के तीनों प्रारूप में खेल सकता है। उसका टी20 क्रिकेट का रिकॉर्ड जैसा अभी दिख रहा है उससे कहीं अधिक बेहतर होना चाहिए।’’ पुजारा को लगता है कि टी20 में पंत का खेल अधिकतर लेग साइड पर आधारित है और शायद उसे ऑफ साइड पर शॉट खेलने की अपनी क्षमता को बेहतर बनाने पर थोड़ा काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘टी20 प्रारूप में वह लेग साइड पर थोड़ा अधिक हावी रहता है। उसे ऑफ साइड पर अपने खेल को बेहतर बनाने पर काम करना होगा जिससे वह और भी अधिक सफल हो पाएगा।’’ पुजारा ने कहा कि मुंबई इंडियन्स के कप्तान हार्दिक पंड्या को यह विश्लेषण करना होगा कि कप्तानी का बोझ उनके प्रदर्शन पर असर डाल रहा है या नहीं। भारत के इस पूर्व बल्लेबाज ने हालांकि कहा कि पंत के मामले में यह निश्चित रूप से काम नहीं कर रहा है। पुजारा ने खराब दौर से जूझ रहे भारत के टी20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का बचाव करते हुए कहा कि आईपीएल में निरंतरता को जरूरत से अधिक महत्व दिया जाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘टी20 प्रारूप में निरंतरता को जरूरत से अधिक महत्व दिया जाता है। मैं इस बात से इनकार नहीं कर रहा हूं कि सूर्या का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है।’’ पुजारा ने कहा, ‘‘हां, इसमें निश्चित रूप से सुधार हो सकता है लेकिन टी20 प्रारूप में आप टीम के लिए एक भूमिका निभा रहे होते हैं। अगर आप मैदान पर उतरते हैं और मान लीजिए आठ गेंद में 20 रन बनाते हैं और अगर इससे टीम को फायदा होता है तो भले ही आप आउट हो जाएं तो आप उस व्यक्तिगत प्रदर्शन पर ध्यान नहीं देते…।