By अभिनय आकाश | Aug 19, 2023
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने देश की मौजूदा स्थिति की तुलना पाकिस्तान और सीरिया से करते हुए कहा कि 'लोग बंदूकें उठा रहे हैं और एक-दूसरे को मार रहे हैं, जो भारत ने अब तक नहीं देखा है। आप देख सकते हैं कि वे हर जगह कितनी नफरत फैला रहे हैं। आम लोग एक-दूसरे को मारने के लिए बंदूक उठाने के लिए तैयार हैं। यह कुछ ऐसा है जो हमने पाकिस्तान में देखा है। यह कुछ ऐसा है जो सीरिया में हो रहा है। वहां वे अल्लाह हो अकबर चिल्लाते हुए लोगों को मार देते हैं। यहां हम जय श्री राम कहकर हत्या करते हैं। अब क्या अंतर है?
आर्टिकल 370 के खात्मे के बाद ग्रेनेड हमले में 15 प्रतिशत की कमी आई है। आईईडी धमाके से हताहत होने वाली घटनाओं में 77 प्रतिशत की कमी आई है। आगजनी की घटनाओं में 42 प्रतिशत की कमी आई है। सुरक्षाबलों से हथियारों के छीने जाने की घटना 60 प्रतिशत की कमी आई। पत्थरबाजी जो एक समय पहले तक कश्मीर की पहचान बनती जा रही थी। लेकिन आर्टिकल 370 के खात्मे के बाद इसमें 92 प्रतिशत की कमी आई। जम्मू-कश्मीर के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ने और उन तक विकास के रथ को पहुंचाने में सेना की बड़ी भूमिका रहती है। भारतीय सेना अक्सर ऑपरेशन सद्भावना के तहत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों तक पहुंचते हैं और अलग-अलग तरह से उनकी मदद करते हैं। आतंकवादी घटनाओं में 32 प्रतिशत की कमी आई है। ऐसे बहुत सारे छोटे-बड़े हिंसा, अपराध या इससे जुड़े आंकड़े हैं जिसमें ग्राफ नीचे की ओर ही जा रहा है।
महबूबा मुफ्ती अब जय श्री राम और हिन्दुओं की भीड़ द्वारा हमले की बात कह रही हैं। वो भले ही अभी बीजेपी और मोदी सरकार पर तीखे हमले कर रही हैं, जिनके साथ कभी सत्ता का सुख उन्होंने भी लिया और उत्तर प्रदेश की जीत पर उसी बीजेपी की बधाई देती भी नजर आई थीं। ये वही महबूबा मुफ्ती हैं जिन्होंने कभी कहा था कि अगर आर्टिकल 370 को छुआ भी गया तो तिरंगे को कंधा देने वाला कोई नहीं होगा। आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद नजरबंदी से बाहर आते हुए अपने पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि मैं जम्मू-कश्मीर के अलावा दूसरा कोई झंडा नहीं उठाऊंगी। लेकिन आज वो तिरंगे के सम्मान की बात कह रही हैं।