By अभिनय आकाश | Nov 02, 2026
अब्दुल अल-सैयद एक ऐसा नाम है, जिस पर आजकल अमेरिकी राजनीति में काफी चर्चा हो रही है। वे एक ऐसे मुस्लिम व्यक्ति हैं जो अमेरिकी राजनीति में इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं। लेकिन चुनाव से पहले ही, उनकी धार्मिक पहचान, उनके नाम और उनकी विचारधारा को लेकर अमेरिका में एक राजनीतिक जंग छिड़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कभी उन्हें 'जिहादी' कहते हैं, तो कभी उन पर 'मुस्लिम ब्रदरहुड' से जुड़े होने का आरोप लगाते हैं। ट्रंप ने तो यहाँ तक कह दिया कि अगर अब्दुल अल-सैयद सीनेट में पहुँचते हैं, तो उन्हें मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना चाहिए। लेकिन अल-सैयद भी चुप नहीं बैठे हैं। वे ट्रंप के आरोपों का जवाब दे रहे हैं और महंगाई, गैस की कीमतें, किराया और स्वास्थ्य सेवा की बढ़ती लागत को चुनाव के असली मुद्दे बता रहे हैं।
ट्रंप ने उनके नाम को भी निशाना बनाया और उनकी धार्मिक पहचान को लेकर टिप्पणियां कीं। रैली के दौरान, 9/11 के आतंकी हमलों का जिक्र करके भी अल-सैयद को निशाना बनाया गया। लेकिन ट्रंप के इन हमलों के बावजूद, अल-सैयद ने जवाब देने में कोई संकोच नहीं किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप उनके नाम, धर्म और परिवार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि वे देश के सामने मौजूद असली मुद्दों पर बात करने में नाकाम रहे हैं। मेटल डिटेक्टर वाली टिप्पणी का मजाक उड़ाते हुए, अल-सैयद ने कहा कि अगर ट्रंप 'लाई डिटेक्टर' (झूठ पकड़ने वाला) टेस्ट देने के लिए तैयार हैं, तो वे हर दिन मेटल डिटेक्टर से गुजरने के लिए तैयार हैं।