राष्ट्रपति बनने के लिए एलन मस्क बदलेंगे अमेरिका का संविधान? टू पार्टी सिस्टम होगा खत्म! ट्रंप के साथ डेमोक्रेट की भी उड़ी नींद

By अभिनय आकाश | Jul 07, 2025

अमेरिका में कहा जाता है कि डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन बारी बारी से सत्ता में आते रहते हैं। ट्रंप के आने पहले जो बाइडेन राष्ट्रपति थे। उससे पहले डोनाल्ड ट्रंप थे और उससे पहले बराक ओबामा थे। इस प्रकार से ट्रंप अभी 47वें राष्ट्रपति हैं। लेकिन राष्ट्रपतियों का ये बनने का सिलसिला रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच बदलता आ रहा है। होने के लिए ये दो पार्टियां हैं। लेकिन दोनों आपस में इस तरह से काम करती हैं कि एक बार तुम सत्ता चला लो, एक बार हम सत्ता चला लें। अमेरिका में चल रहे इस टू पार्टी सिस्टम को मस्क ने चुनौती देते हुए अपनी तरफ से एक नई अमेरिका पार्टी लॉन्च कर दी है। लेकिन इस अमेरिका पार्टी को लॉन्च करने की कहानी क्या है? ये ट्रंप के कारण कैसे इसका जन्म हुआ। क्या आने वाले वक्त में भारत की ही तरह अमेरिका की राजनीति में भी कई पार्टियों की एंट्री के दरवाजे इससे खुल जाएंगे। वैसे अब तक अमेरिका में कुल 47 राष्ट्रपति हो चुके हैं। 45वें ट्रंप थे। उसके बाद में बाइडेन आए। अब चूंकि वापस से ट्रंप फिर से कुर्सी पर बैठे हैं और वो अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति हो चुके हैं। क्या एलन मस्क भविष्य में अमेरिका के राष्ट्रपति बन पाएंगे। 

भड़क उठे ट्रंप

मस्क के ऐलान के बाद ट्रंप भड़क उठे और अपने पुराने दोस्त को पटरी से उतरा हुआ मलबा बता दिया। ट्रंप का मानना है कि अमेरिका में केवल दो ही पार्टियां अच्छी हैं और उनके देश का सिस्टम किसी तिसरी पार्टी को अफोर्ड ही नहीं कर सकता है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके लिखा कि मुझे ये देखकर बहुत दुख हो रहा है कि एलन मस्क पिछले पांच हफ़्तों में पटरी से पूरी तरह से उतर गए हैं। ट्रेन का मलबा बन गए हैं। मस्क तीसरी राजनीतिक पार्टी भी शुरू करना चाहते हैं। ये जानते हुए भी कि तीसरी पार्टी अमेरिका में कभी सफल नहीं होगी। ये सिस्टम उनके लिए डिज़ाइन नहीं किया गया है। तीसरी पार्टी सिर्फ एक ही काम में अच्छी है और वो काम है विघ्न डालना। 

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अमेरिका का टू पार्टी सिस्टम

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका में अभी दो राजनीतिक दल डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन हैं। हालांकि, अमेरिकी सिस्टम में द रिफॉर्म्स, सोशलिस्ट, नेचुरल लॉ और ग्रीन पार्टियां भी मौजूद हैं। इन्हें थर्ड पार्टीज कहा जाता है। ऐसे तीसरे दल हमेशा से रहे हैं, लेकिन 20वीं सदी तक आते-आते डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन बड़े दलों की तरह उभरे। चुनावों में भी इन्हीं दो दलों का वर्चस्व है। ट्रंप रिपबल्किन पार्टी के हैं। 4 तारीख को ट्रंप का बिग एंड ब्यूटीफुल बिल भी पास हुआ है। इसलिए लगे हाथ उन्होंने अपनी पार्टी और अपने बिल के तारीफों के पुल बांध दिया। ट्रंप ने लिखा कि रिपब्लिकन सुचारू रूप से चलने वाली पार्टी है। इसने हमारे देश के इतिहास का सबसे बड़ा बिल पास किया है। ये एक महान बिल है। लेकिन एलन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। क्योंकि ये बिल बेतुके इलेक्ट्रिक वाहन की अनिवार्यता को खत्म कर देगा। ये अनिवार्यता लोगों को कम समय में इलेक्ट्रिक कार खरीदने के लिए मजबूर करती। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मैं शुरू से ही इसका विरोधी रहा हूं। अब लोगों के पास आज़ादी होगी। वो जो चाहें खरीद सकते हैं। ईवी की अनिवार्यता खत्म। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मस्क की कार कंपनी टेस्ला ईवी है यानी की इलेक्ट्रॉनिक कारें हैं। ट्रंप का आरोप है कि मस्क उनके बिल का विरोध इसलिए करते रहे हैं क्योंकि उनका बिला ईवी की अनिवार्यता को खत्म करता है। मतलब मस्क को इससे नुकसान होगा इसलिए वो ट्रंप के इस बिल को पसंद नहीं करते हैं। 

मस्क को नजरअंदाज करना थोड़ा मुश्किल

जानकार भले ही मस्क की नई पार्टी से ज्यादा उम्मीद ना रखें, लेकिन उनकी पॉपुलैरिटी और संसाधनों को देखते हुए कुछ लोग कह रहे हैं कि मस्क को हल्के में लेना सही नहीं होगा। फ्रांस में पूर्व PM ने ह्यूमनिस्ट फ्रांस पार्टी का ऐलान किया है तो ब्रिटेन में भी नई पार्टी को लेकर सरगर्मियां जोरों पर है। सवाल है कि क्या यूरोप की तरह अमेरिका की राजनीति भी इससे प्रभावित होगी। 

कहां हैं मस्क की नजरें?

मस्क की पार्टी चुनाव प्रशासन के साथ रजिस्टर्ड है कि नहीं, इस बारे में ज्यादा स्पष्टता फिलहाल नहीं है। इसके साथ ही मस्क ने यह भी साफ नहीं किया है कि उनकी इस पार्टी की अगुआई कौन करेगा। मस्क कह रहे हैं कि अमेरिका पार्टी लेजर जैसा फोकस रखेगी। वह सेनेट की 3 सीटों और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की 8 से 10 सीटों को जीतने की कोशिश करेगी। 

क्या मस्क खुद राष्ट्रपति बन सकते हैं?

मौजूदा संवैधानिक नियमों के मुताबिक मस्क राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं। संविधान के सेक्शन 1 का आर्टिकल 2 कहता है कि राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनने के लिए किसी का भी नैचुरल अमेरिकी नागरिक होना चाहिए। 2024 में मस्क खुद बता चुके हैं कि अपने अफ्रीकी मूल की वजह से वह राष्ट्रपति नहीं बन सकते। बता दें कि साउथ अफ्रिका में जन्मे मस्क 2002 में अमेरिका के नागरिक बने। हालांकि, चुनाव के दौरान ट्रंप के लिए प्रचार करते हुए मस्क ने कहा था कि वह राष्ट्रपति नहीं बनना चाहते। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि वे ट्रंप को जिताएं, जिससे कि वह सरकार के जरिए लोगों की सेवा कर सकेंगे। बीती 4 जुलाई को ही ट्रंप ने लोगों से एक्स पर पूछा कि क्या वे टू पार्टी सिस्टम से आजादी चाहते हैं। पोल में करीब 1.2 मिलियन लोगों ने हिस्सा लिया। ज्यादातर ने नई पार्टी के पक्ष में ही वोटिंग की थी। 

किंगमेकर बनना चाहते हैं मस्क

2026 में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 और सीनेट की 100 में से 34 सीटों पर चुनाव होंगे। मस्क का प्लान प्रतिनिधि सभा की 8-10 व सीनेट की 3-4 सीटें जीतना है, जिससे ट्रम्प के बिलों पर रोक लगाकर वे किंगमेकर की भूमिका में आ सकें। मस्क ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प को 2500 करोड़ रु. का चंदा दिया था। लेकिन फिर मस्क डॉजी संस्था से अलग हुए और अब ट्रम्प के बिग ब्यूटीफुल बिल के विरोध में उतरे हुए हैं। विश्लेषक मानते हैं कि मस्क की पार्टी से भारतवंशी निक्की हेली और विवेक रामास्वामी जुड़ सकते हैं। इन दोनों रिपब्लिकन नेताओं के पिछले कुछ समय से ट्रम्प से संबंध अच्छे नहीं हैं।

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