By अभिनय आकाश | Jul 09, 2026
इजराइली डिफेंस फोर्स करीब-करीब 18 वर्षों तक गाजा पर शासन करने के बाद हमास ने गाजा से अपना प्रशासनिक नियंत्रण छोड़ने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। हमास के इस ऐलान के साथ दो बातें खास ध्यान देने लायक है। एक तो हमास अपनी सरकार और गाजा में आपातकालीन समिति को भंग कर दिया है और सत्ता संयुक्त राष्ट्र की अगुवाई वाली तकनीकी समिति को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हमास ने यह साफ कर दिया है कि वह अभी अपने हथियार नहीं डालेगा। जब तक गाजा के भविष्य को लेकर व्यापक राजनीतिक व्यवस्था तय नहीं होती तब तक सशस्त्र प्रतिरोध जारी रहेगा। भले ही हमास ने पूरा सरेंडर नहीं किया है लेकिन इसके पीछे इजराइल की सख्ती, घेराबंदी और गाजा पट्टी में मिलिट्री ऑपरेशंस को बड़ी वजह माना जा रहा है। इसके पीछे है गाजा पट्टी में हमास की बनाई नई सुरंगे जिसे एक-एक कर ध्वस्त करना शुरू कर दिया गया था।
हमास इन्हीं सुरंगों में इजराइली बंदूकों को छिपा कर रखता था। 7 अक्टूबर 2023 के हमले में हमास ने जिन सैकड़ों इजराइली नागरिकों को बंधक बनाए थे उन्हें महीनों तक उन्हीं सुरंगों में छिपा कर रखा था। हमास इन बंधकों का इस्तेमाल इजराइल से अपनी मांगे मनवाने के लिए करता था। लेकिन अक्टूबर 2023 के बाद इसराइल गाजा पट्टी को लेकर और आक्रामक हो गया और महीनों तक गाजा पटरी पर लगातार हमले करता रहा और आज गाजा पट्टी की स्थिति किसी खंडहर शहर की तरह हो चुकी है। अक्टूबर 2023 के बाद से अब तक 73,000 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इसमें महिला और बच्चों के साथ 1,75,000 लोग घायल भी हैं। पूरे गाजा क्षेत्र में बनी सुरंगों की लंबाई 300 से 500 कि.मी. बताई जाती है। सुरंगों का प्रवेश द्वार आमतौर पर घरों, अस्पताल और स्कूल जैसे ठिकाने होते हैं। कुछ सुरंगों के एंट्री पॉइंट मस्जिदों, रेतीले टीले और बहुमंजला इमारतों के नीचे होती हैं। हमास ने कुछ सुरंगे इजराइल की सीमा के पार भी बना रखी हैं। 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हमले में इन्हीं सुरंगों का इस्तेमाल किया गया था। गाजा पट्टी पर कब्जे के साथ इजरायली सेना ने 16 किमी लंबी सुरंग को भरकर एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है।