Mysterious Temple: इन मंदिरों में चलता है महिलाओं का राज, Rituals के दौरान पुरुषों के प्रवेश पर लगा है कड़ा प्रतिबंध

By अनन्या मिश्रा | Aug 22, 2026

शायद आपने उन मंदिरों के बारे में तो सुना ही होगा, जहां पर महिलाओं का जाना वर्जित है। लेकिन क्या आपने कभी ऐसे मंदिर के बारे में सुना है, जहां पर पुरुषों का जाना वर्जित हो। भले ही आपको यह बात सुनने में हैरान करने वाली और थोड़ी अटपटी जरूर लगे। लेकिन ऐसा एक रहस्यमयी मंदिर है, जहां पर पुरुषों का जाना वर्जित है। इसलिए आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको उस मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही इसके पीछे के कारण के बारे में भी जानेंगे।

इसे भी पढ़ें: Famous Temple: गुजरात का वो 'City of Temples' जहां रात में रुकना है मना, जानें इसके Spiritual और दिव्य रहस्य

चक्कुलाथुकावु मंदिर केरल

केरल के देव भगवती को समर्पित इस मंदिर में नारी पूजा नाम से वार्षिक अनुष्ठान आयोजित किया जाता है। इसका मतलब है कि महिलाओं की पूजा से, उस दिन पुरुषों का मंदिर में प्रवेश वर्जित माना जाता है।

नारी पूजा के समय महिलाएं व्रत करने के साथ एकत्रित होती हैं। वहीं पुरुष पुजारी उनके पैरों को धोता है। जो सत्ता के पारंपरिक उल्टे क्रम को दिखाता है।

असम का कामाख्या मंदिर

महान शक्तिपीठों में से एक मां कामाख्या मंदिर भी नारी शरीर से गहराई से जुड़ा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां सती की योनि यहां पर गिरी थी।

अंबुबाची मेले के दौरान देवी कामाख्या को मासिक धर्म होता है, इस दौरान मंदिर को तीन दिन के लिए बंद कर दिया जाता है और पुरुषों को मंदिर जाने की अनुमति नहीं होती है।

तमिलनाडु का कुमारी अम्मन मंदिर

कन्याकुमारी मंदिर कन्या कुंवारी दु्र्गा को समर्पित है। परंपराओं के मुताबिक विवाहित पुरुषों को गर्भगृह में अंदर जाने की अनुमति नहीं है। सिर्फ ब्रह्मचारी पुरुष या फिर संन्यासी ही पास जा सकते हैं।

पुरुषों का तिरस्कार करने के लिए यह नियम नहीं बनाए गए हैं, बल्कि ब्रह्मचर्य, भक्ति और आध्यात्मिक वैराग्य की पवित्रता को बनाए रखने के लिए है।

राजस्थान का ब्रह्मा मंदिर

राजस्थान के पुष्कर में स्थित ब्रह्मा मंदिर विवाहित पुरुषों को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं देता है। पौराणि कथाओं के मुताबिक जब भगवान ब्रह्मा ने देवी गायत्री से विवाह किया था, तो देवी सरस्वती ने ब्रह्मा जी को श्राप दिया और यह आदेश दिया कि मंदिर में कभी विवाहित पुरुष मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।

यह प्रतिबंध स्त्री शरीर के बारे में नहीं बल्कि खुद विवाह के बारे में है। जो भक्तों की व्यक्तिगत स्थिति को मंदिर की आध्यात्मिक संरचना से जोड़ने का काम करता है।

प्रमुख खबरें

चीनी कम, इथेनॉल ज्यादा? Kharge ने पूछा- ये Atmanirbhar Bharat का कौन सा गणित है, Modi Govt जवाब दे

Ramgarh के Steel Factory में आग लगने से 3 कर्मियों की मौत, जांच शुरू

Supreme Court से Art of Living को बड़ी राहत! यमुना रिवरफ्रंट मामले में 5 करोड़ रुपये का जुर्माना वापस करने का आदेश

Pune के कॉलेज में Rahul Gandhi के कार्यक्रम से पहले बवाल, ABVP और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, 50 से अधिक पर केस दर्ज