By अनन्या मिश्रा | Oct 22, 2026
महिलाओं के शरीर में प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद कई बदलाव होते हैं। जिस कारण महिलाओं के शरीर, मूड और पूरी सेहत पर इसका असर होता है। कई बार मैटरनिटी लीव के बाद काम पर लौटना महिलाओं के लिए काफी चैलेंजिंग हो सकता है। मैटरनिटी लीव के बाद काम पर लौटने के दौरान कई महिलाओं को एंग्जायटी, तनाव और गिल्ट महसूस होता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर मैटरनिटी लीव के बाद ऑफिस लौटने में महिलाओं का एंग्जायटी क्यों बढ़ सकता है।
इसे भी पढ़ें: IVF Cycle के मुश्किल दौर में Counselor की मदद से रिश्ते और मानसिक सेहत को ऐसे संभालें
कई महिलाओं को मैटरनिटी लीव के बाद काम पर लौटने में घबराहट महसूस होती है। क्योंकि यह सिर्फ शेड्यूल में बदलाव नहीं बल्कि इसमें जिम्मेदारियों, पहचान और प्राथमिकताओं में होने वाले बदलाव भी शामिल हैं।
नई मां का शरीर और मन बच्चे के जन्म के बाद ठीक हो रहा होता है। इसके अलावा महिलाएं हार्मोनल बदलाव, बच्चे की देखभाल की मुश्किलों और नींद की कमी में तालमेल बिठाने की कोशिश करती हैं। इस दौरान काम पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव, कभी-कभी काम की जगह पर सहयोग न मिलने वाली नीतियों और बच्चे की चिंता की वजह से उनको लगातार एंग्जायटी और गिल्ट महसूस होता है।
जब महिलाओं को ऑफिस और घर में सही तरह से सपोर्ट नहीं मिलता है, तो उनको ऐसा फील होता है कि वह अपनी पहचान को खो रही हैं। ऐसे में एंग्जायटी होना आम है।
बच्चे के जागने की वजह से कई बार महिलाओं की नींद भी नहीं पूरी हो जाती है। जिस कारण थकान और नींद की वजह से भी उनको एंग्जायटी महसूस होने लगती हैं।
कई नई मां काम पर जाने के दौरान चिड़चिड़ापन भी महसूस करती हैं। असल में ऐसा महिलाओं के साथ ओवरबर्डन की वजह से होता है।
दरअसल, जब भी कोई महिला मैटरनिटी लीव के बाद अपने काम पर वापस लौटती है, तो उसको परिवार और ऑफिस दोनों की ओर से सहयोग मिलना चाहिए। काम में फ्लेक्सिबिलिटी, ब्रेस्टफीडिंग में मदद और अपनी बात को खुलकर कह पाने वाला माहौल मिलने पर महिलाओं की दिक्कतें कम हो सकती हैं।
इस दौरान किसी भी महिला के लिए उनके पार्टनर का सपोर्ट बेहद जरूरी होता है।
अगर आपको एंग्जायटी ज्यादा महसूस हो रही है, तो आप डॉक्टर की सलाह पर थेरेपी भी ले सकती हैं।