World TB Day: भारत में क्यों हैं दुनिया के सबसे ज्यादा TB Cases? ये लक्षण दिखें तो रहें अलर्ट

By दिव्यांशी भदौरिया | Mar 24, 2026

हर साल 24 मार्च को 'वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे' मनाया जाता है। वर्ल्ड टीबी डे को इसलिए भी मनाया जाता है कि ताकि लोग इस संक्रामक रोग के प्रति जागरुक रहे। भारत में टीबी एक गंभीर हेल्थ समस्या बनीं हुई है। दुनियाभर में सबसे अधिक टीबी के मामले भारत में ही दर्ज किए जाते हैं। इस साल 2026 में ट्यूबरक्लोसिस डे की थीम है 'हां, हम टीबी खत्म कर सकते हैं', जिसका उद्देश्य 2030 तक टीबी को खत्म करने की दिशा में प्रयासों को तेज करना है। फिलहाल भारत में टीबी अभी भी एक बड़ी हेल्थ समस्या बनीं हुई है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जागरुकता के बावजूद अभी भी भारी संख्या में टीबी के मरीज के इस बीमारी से जूझ रहे हैं। 

क्या है ट्यूबरक्लोसिस क्या है?

ट्यूबरक्लोसिस यानी टीबी एक संक्रामक रोग है। आमतौर पर ये मुख्य रुप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन ये शरीर के अन्य पार्ट्स में फैल सकता है। बता दें कि, यह बीमारी माइकोबैक्टीरियल ट्यूबरकुलोसिस बैक्टीरिया से फैलती है। टीबी का सही समय पर उचित इलाज न हो तो ये जानलेवा भी हो सकती है।

टीबी की बीमारी कैसे फैलती है

टीबी एक संक्रमित बीमारी है जो व्यक्ति के खांसने और छींकने से भी यह रोग अन्य लोगों को संक्रमित कर सकता है। जिन लोगों को एक्टिब टीबी है, उन्हीं के कारण से यह रोग दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है। खराब वेंटिलेशन और भीड़भाड़ वाले स्थानों में टीबी फैलने का खतरा अधिक होता है। वहीं, भारत में यह बीमारी कुपोषण, कमजोर इम्यून और खराब लाइफस्टाइल के चलते फैलती है। जब प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और टीबी होने का जोखिम बढ़ जाता है।

इसके अलावा, डायबिटीज और एचआईवी के इन्फेक्शन से पीड़ित रोगियों, सिगरेट और शराब का सेवन तथा वायु प्रदूषण से भी टीबी की बीमारी हो सकती है।

टीबी के लक्षण

-2 हफ्ते से ज्यादा समय तक खांसी

-खांसी के साठ बलगम या खून आना

-बेवजह थकान और कमजोरी

-भूख कम हो जाना

-लगातार वजन घटना

-बुखार ठीक न होना

-सीने में दर्द रहना

 

टीबी के कितने प्रकार है

टीबी दो प्रकार है: 

- पल्मोनरी टीबी- सबसे आम प्रकार पल्मोनरी टीबी है, जो फेफड़ों को प्रभावित करती है। इसके लक्षण दो हफ्तों से अधिक रहते हैं, जैसे कि खांसी, सीने में दर्द, खांसी के साथ खून या बलगम आना, बुखार, रात में पसीना आना, थकान और वजन कम होना शामिल हैं। कई लोग इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं या इसे सामान्य सर्दी समझ लेते हैं, जिससे इलाज में देरी होगी।

- एक्सट्रापल्मोनरी टीबी- टीबी शरीर के अन्य हिस्सों को प्रभावित करती है। इसे एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी कहा जाता है। यह हड्डियों, जोड़ों, मस्तिष्क या पेट को प्रभावित कर सकती हैं। इसके लक्षण प्रभावित जगह पर निर्भर करते हैं, जैसे कि गर्दन में सूजन, जोड़ों में दर्द या गंभीर सिरदर्द। 

टीबी को फैलने से कैसे रोकें?

- हमेशा खांसते या छींकते समय मुंह को ढक लें।

- लोगों के बहुत करीब न आएं।

- ऑफिस या स्कूल न जाएं।

- मास्क पहनकर घर से निकलें।

- घर का वेंटिलेशन अच्छा रखें।

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