By अभिनय आकाश | Mar 28, 2026
ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्लाह अली खामनई का बब्बर शेर जाग गया है जिसे खामनेई ने जिंदा रहते पाला पोसा उस पर पैसा और प्यार लुटाया। अब वह अपने आका की मौत का बदला लेने को बेताब है। जी हां, बात हूती विद्रोहियों की हो रही है। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच अब तक खामोश दिखे यमन के ईरान समर्थित हूती समूह ने अब सक्रिय रूप से इस जंग में उतरने की पूरी तैयारी कर ली है। दरअसल हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारी ने बीते दिन टीवी कार्यक्रम में जोर देकर कहा है कि हम पुष्टि करते हैं कि हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं। ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों को ना केवल खड़ा किया बल्कि उसे खतरनाक हथियारों से लैस कर एक लड़ाका ग्रुप बनाया और अब उसी एहसान की कीमत चुकाने के लिए हूती लड़ाके पूरी तरह से तैयार है। यमन के ईरान में हूतियों ने ईरान जंग पर लक्ष्मण रेखा अपनी खींच दी है। हूतियों ने सऊदी अरब और यूएई को इशारों इशारों में ही धमका दिया है। उसने साफ़ कहा है कि अगर अमेरिका इजराइल की तरफ से जंग में दूसरे देश कूदेंगे तो वह भी इस मिलिट्री दखल देने के लिए अब तैयार हो चुका है।
इस बयान ने क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक नौवन मार्गों को लेकर नई चिंताएं जो है वह पैदा कर दी हैं। और एक दूसरे सीनियर हूं नेता ने यह कहा है कि उनका समूह युद्ध क्षेत्र के आकलन और ईरान और सहयोगी बलों के साथ समन्वय के आधार पर हस्तक्षेप करने के लिए तैयार है और हस्तक्षेप कर भी सकता है। अमेरिकी मीडिया ने होती संचालित सूचना मंत्रालय के अवर सचिव मोहम्मद मंसूर के हवाले से कहा है कि यमन ईरान का समर्थन करने में शामिल होगा। ऐसा करना हमारी धार्मिक, नैतिक और इसके साथ ही मानवीय जिम्मेदारी भी है। हूती की इस चेतावनी से एक बड़े रीजनल टकराव की अब आशंका बढ़ गई है। खासकर यह देखते हुए कि हूतियों के पास यमन से बहुत दूर टारगेट पर हमला करने और साथ ही अरेबियन पेनसुला के आसपास शिपिंग लेन को डिस्टर्ब करने की क्षमता है। लेबनान और इराक में ईरान के शिया साथी पहले ही इस इलाके में जंग में शामिल हो चुके हैं।