अब चीन ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ, ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत आ सकते हैं शी जिनपिंग

By अंकित सिंह | Feb 23, 2021

करीब 11 महीने से सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच में भारी तनाव चल रहा है। हालांकि, तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के बीच रक्षा और कूटनीतिक चैनल के जरिए बातचीत जारी है। पूर्वी लद्दाख में मई में दोनों देशों की सेनाओं के बीच जबरदस्त टकराव की स्थिति हो गई थी। हालांकि, अब रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश दोनों देशों की ओर से लगातार जारी है। पैंगोंग झील और अन्य जगहों पर डिसइंगेजमेंट की रिपोर्ट के बीच अब चीन के तेवर भी बदल रहे हैं। विस्तारवादी सोच रखने वाला चीन अब सहयोग और मानवता की बात कर रहा है। चीन ने तो यह कह कर हैरान कर दिया कि वह भारत में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन का समर्थन करता है और सदस्य देशों के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत सहयोग बनाना चाहता है। 

इसे भी पढ़ें: LAC पर सकारात्मक रुख के बाद चीन के 45 निवेश प्रस्तावों को भारत देगा हरी झंडी!

चीन ने कहा कि वह पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं के संगठन ब्रिक्स में सहयोग को मजबूत करने के लिए नयी दिल्ली के साथ मिलकर काम करेगा। उल्लेखनीय है कि भारत इस साल ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के संगठन ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा। भारत की तैयारी ब्रिक्स वार्षिक सम्मेलन की मेजबानी करने की है। विदेशमंत्री एस जयशंकर ने 19 फरवरी को नयी दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन स्थित ब्रिक्स सचिवालय में भारत का ब्रिक्स-2021 वेबसाइट की शरुआत की थी। इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत द्वारा संभालने को लेकर पूछे गए सवाल पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा बीजिंग, नयी दिल्ली की मेजबानी में शिखर सम्मेलन आयोजित कराने का समर्थन करेगा। वांग ने कहा, ‘‘ उभरती अर्थव्यवस्थाओं एवं विकासशील देशों के के वैश्विक प्रभाव के साथ ब्रिक्स सहयोग की प्रणाली है। हाल के वर्षों में वृहद एकजुटता एवं गहरी व्यवहारिक सहयोग और वृहत्तर प्रभाव देखने को मिला है।’’ 

इसे भी पढ़ें: कड़वाहट और दुश्मनी से भरा हैं अमेरिका और चीन का संबंध? बाइडेन के आने से आएंगे बदलाव

उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय मामलों में ब्रिक्स अब सकारात्मक, स्थिर एवं सृजनात्मक शक्ति है।’’ वांग ने कहा, ‘‘हम दृढ़ एकजुट एवं सहयोग के लिए रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस साल सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए भारत का समर्थन करेंगे एंव अन्य सदस्यों के साथ संवाद को मजबूत करने, सहयोग के तीन स्तंभों को दृढ़ करने, ब्रिक्स के तहत अधिक प्रगति करने एवं ब्रिक्स प्लस सहयोग बढ़ाने के लिए, कोविड-19 को हराने, आर्थिक विकास बहाल करने एवं वैश्विक शासन में सुधार करने के लिए काम करेंगे। हालांकि, वांग ने स्पष्ट नहीं किया इस साल होने वाले सम्मेलन में राष्ट्रपति शी चिनफिंग शामिल होंगे या नहीं।

प्रमुख खबरें

Rishabh Pant की Delhi Capitals में वापसी पर AB de Villiers बोले- यह बिल्कुल भी चौंकाने वाला नहीं था

Tazmin Brits के शतक का तूफान, South Africa की बड़ी जीत ने बदला Semifinal का पूरा समीकरण

England में Kiwi बल्लेबाजों का कहर, 96 साल पुराना Test Record तोड़ रचा नया इतिहास

FIFA World Cup 2026 में गोलों की बौछार, Lionel Messi की Golden Boot की दावेदारी हुई मजबूत