LAC पर सकारात्मक रुख के बाद चीन के 45 निवेश प्रस्तावों को भारत देगा हरी झंडी!

LAC पर सकारात्मक रुख के बाद चीन के 45 निवेश प्रस्तावों को भारत देगा हरी झंडी!

भारत और चीन के 45 निवेश प्रस्तावों को मंजूरी देने के लिए तैयार हैं। जिनमें ग्रेट वॉल मोटर और एसएआईसी मोटर कॉर्प के शामिल होने की संभावना है। प्राप्त जानकारी अनुसार सरकार की योजना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए 150 से अधिक प्रस्तावित चीनी निवेशों को तीन श्रेणियों में विभाजित करने की है।

बनते-बिगड़ते माहौल के बीच अब तक भारत और चीन के कोर कमांडर लेवल की दस दौर की बैठक हो चुकी है। भारतीय पक्ष का नेतृत्व पीजेके मेनन ने और चीन की तरफ से आर्मी की दक्षिणी शिनजियांग मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के प्रमुख मेजर जनरल लिलुलिन बातचीत में शामिल हुए। 16 घंटे तक चली इस बैठक में डिसइंगेजमेंट के दूसरे चरण पर चर्चा हुई। भारत की मांग है कि तुरंत गोगरा, हॉट स्प्रिंग, डेमचोक और देपसांग से अपने सैनिकों को वापस बुलाए।  

45 निवेश प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी 

भारत और चीन के 45 निवेश प्रस्तावों को मंजूरी देने के लिए तैयार हैं। जिनमें ग्रेट वॉल मोटर और एसएआईसी मोटर कॉर्प के शामिल होने की संभावना है। प्राप्त जानकारी अनुसार सरकार की योजना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए 150 से अधिक प्रस्तावित चीनी निवेशों को तीन श्रेणियों में विभाजित करने की है। दोनों देशों के बीच करीब 2 अरब डॉलर के 150 निवेश प्रस्ताव पाइपलाइन में अटके रहे।  

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भारत-चीन वार्ता

 वार्ता के बारे में हालांकि अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। यह बातचीत दोनों सेनाओं के पैंगांग सो (झील) के उत्तरी व दक्षिणी किनारों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों से सैनिकों व हथियारों की वापसी के पूरा होने के दो दिन बाद हुई। माना जा रहा है कि भारत ने बातचीत के दौरान क्षेत्र में तनाव कम करने के लिये हॉट स्प्रिंग्स,गोगरा और देप्सांग जैसे इलाकों से वापसी प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया। सूत्रों ने शनिवार को कहा था कि बातचीत के दौरान व्यापक प्राथमिकता क्षेत्र में तनाव में कमी लाने की है। भारत इस बात पर जोर देता रहा है कि क्षेत्र में तनाव कम करने के लिये गतिरोध वाले सभी बिंदुओं से सैनिकों की वापसी जरूरी है।





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