By अनन्या मिश्रा | Jul 17, 2026
लाइफस्टाइल और डाइट में गड़बड़ी के साथ पर्यावरणीय और आनुवांशिक परिस्थितियां सेहत पर गंभीर असर डाल रही हैं। जिसका प्रजनन हेल्थ पर असर देखने को मिल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में करीब हर 6 में से 1 व्यक्ति बांझपन से प्रभावित है। जिनमें से करीब 50% मामलों में पुरुष मुख्य कारण माने जाते हैं। कई दंपत्ति सालों तक संतान प्राप्ति की कोशिश करते हैं। लेकिन जांच के बाद पता चलता है कि समस्या महिला में नहीं बल्कि पुरुष में है।
हाल ही में हुए एक रिसर्च में डॉक्टरों ने पाया कि रोजाना और अनुशासित तरीके से किया गया योग करने वाले पुरुषों में स्पर्म की गुणवत्ता पहले से बेहतर हुई। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और डीएनए को होने वाले नुकसान को कम करने में योग फायदेमंद है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक दुनियाभर में 15% से ज्यादा दंपत्ति बांझपन की समस्या से जूझ रहे हैं। जिनमें करीब आधे मामलों में पुरुषों से जुड़े मामले जिम्मेदार होते हैं।
डॉक्टरों की टीम ने यह भी जानने का प्रयास किया कि नियमित योग का पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर कैसा असर होता है।
शोध के मुताबिक 25 से 40 साल की उम्र के 78 ऐसे पुरुषों को शामिल किया गया था, जोकि प्राथमिक बांझपन की समस्या से परेशान थे।
इनमें से 42 लोगों ने पूरा 12 सप्ताह का योग कार्यक्रम पूरा किया। सप्ताह में पांच दिनों तक रोजाना 1 घंटे योगासन, मेडिटेशन, प्राणायाम और रिलैक्सेशन आदि का अभ्यास कराया गया।
इस अध्ययन के पूरा होने के बाद वैज्ञानिकों ने पाया कि योग करने वाले लोगों में प्रजनन क्षमता से जुड़े कई अहम सकारात्मक बदलाव आए।
एक्सपर्ट के मुताबिक योग करने से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और उससे होने वाले डीएनए को नुकसान में कमी आई। रोजाना योगाभ्यास से स्पर्म की कार्यक्षमता में सुधार हुआ और हानिकारक ऑक्सीडेटिव प्रभाव भी कम हुए।
रिसर्च में स्पर्म डीएनए फ्रैगमेंटेशन इंडेक्स के डीएनए को हुए नुकसान के लेवल को कम होते देखा गया।
डीएनए की गुणवत्ता में सुधार देखने के लिए कम से कम 6 महीने तक नियमित योग करना जरूरी हो सकता है।
शोधकर्ताओं की मानें, तो योग कई तरीकों से फायदा पहुंचा सकता है। यह तनाव वाले हार्मोन कम करने, प्रजनन अंगों में ब्लड सर्कुलेशन सुधारने, शरीर की एंटीऑक्सीडेंट क्षमता बढ़ाने, माइटोकॉन्ड्रिया की कार्यक्षमता बेहतर करने, सूजन घटाने और कोशिकाओं की सुरक्षा बढ़ाने में सहायता करता है।
कई अध्ययनों से पता चलता है कि सही तरीके से किया गया योगाभ्यास प्रजनन समस्याओं पर होने वाले निगेटिव प्रभाव को कम करता है।
योग दवाओं के बिना अपनाई जाने वाली बेहतर लाइफस्टाइल रणनीति है। जोकि प्रजनन हेल्थ को बेहतर बनाने और संतान प्राप्ति की कोशिश कर रहे कपल की मददगार साबित हो सकती है।