Monsoon Diet Tips: मॉनसून में पेट की समस्याओं से राहत दिलाएंगे ये 5 Healthy Foods, ऐसे बढ़ाएं अपनी Immunity

मानसून के दौरान पाचन तंत्र की संवेदनशीलता का विश्लेषण करते हुए विशेषज्ञ आहार में एंटीमाइक्रोबियल मसालों जैसे हल्दी और अदरक के समावेश की अनुशंसा करते हैं। यह पोषक तत्व मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ कर संक्रमण के जोखिम को प्रभावी ढंग से कम करते हैं। घर का बना हल्का भोजन और फाइबर युक्त फल पाचन संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं। मानसून डाइट पाचन स्वास्थ्य प्रोबायोटिक्स इम्यूनिटी
ज्यादातर शहर में मॉनसून दस्तक दे चुका है। इस दौरान गरमा-गरम चाय और पकौड़े खाने का एक अलग ही मजा होता है। हालांकि, कई बार इस तरह का फूड हमारी सेहत को खराब कर देता है। अगर आप ज्यादा तला-भुना खाते हैं, तो आपको पाचन संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए मॉनसून डाइट में कई हेल्दी चीजों को शामिल कर सकते हैं। इससे बदहजमी या पेट में भारीपन जैसी समस्याएं नहीं होगी और पेट की समस्याएं मॉनसून का मजा भी खराब नहीं करेगी।
ऐसे में आप मॉनसून डाइट से भी पाचन को मजबूत बना सकते हैं और इससे भी इम्यूनिटी बूस्ट होगी। आइए जानते हैं कि ऐसे 5 हेल्दी फूड च्वॉइस जिनके सेवन से मॉनसून में पाचन दुरुस्त रहता है।
लहसुन, अदरक और हल्दी जैसे मसाले हैं फायदेमंद
गौरतलब है कि बरसात के समय इंफेक्शन का खतरा अधिक बढ़ जाता है। इससे छुटकारा पाने के लिए डाइट में हल्दी को शामिल करें, जिससे इम्यूनिटी बढ़ेगी और पेट के इंफेक्शन से बचने में मदद मिलेगी। अपनी डाइट में अदरक और लहसुन को शामिल करें। खासकर लहसुन में एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जो कि इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता है और अदरक पाचन को स्वस्थ रखने में मदद करता है। Animal Feed Science And Technology नामक एक जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, अदरक, लहसुन और हल्दी जैसे मसाले पाचन को मजबूत करते हैं और मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर बनाता है। वैसे यह शोध मछलियों पर किया गया थे लेकिन अभी इंसानों पर शोध जारी है।
गट हेल्थ को मजबूत करते हैं प्रोबायोटिक्स
दरअसल, मॉनसून के समय लोग छाछ या दही पीना बंद कर देते हैं, जिससे प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं। इससे गट हेल्थ मजबूत होती है और इम्यूनिटी मजबूत होती है। डाइजेस्टिव सिस्टम को हेल्दी बनाए रखने के लिए डाइट में आप प्रोबायोटिक्स को जरुर शामिल करें। इस बात का जरुर ध्यान रखें कि दही या छाछ की तासीर ठंडी होती है इसलिए इसे रात में खाने के बजाय दिन में खाएं।
मॉनसून में फल का सेवन कर सकते हैं?
अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या मॉनसून के समय फलों का सेवन किया जा सकता है? जी हां!आप फलों का सेवन बरसात के मौसम में कर सकते हैं। कुछ लोगों लगता है कि इस मौसम में फल नहीं खाए जाते हैं। वैसे फलों में काफी फाइबर होता है जो पाचन को मजबूत करती है। डाइट में सेब, अनार, जामुन, केला जरुर शामिल करें। पिछले साल 2025 में Food Science & Nutrition नामक जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, फलों के डाइटरी फाइबर प्रीबायोटिक्स की तरह ही कार्य करते हैं, जो गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है और आतों की सूजन को कम करते हैं।
घर का बना गर्म और हल्के मसालों में पका भोजन
दरअसल, बारिश के मौसम में ऐसा भोजन करना चाहिए, जो हल्का गर्म हो, मिर्च की मात्रा कम हो और घर का बना हुआ हो। मॉनसून में गर्म खाना डाइजेशन को बेहतर बना सकता है। इसके साथ ही ठंडा भोजन करने से बचना चाहिए क्योंकि मॉनसून में इसके खराब होने का रिस्क अधिक होता है। वहीं, इस मौसम में छोटे मील्स जरुर खाएं। हैवी मील्स को डाइजेस्ट करना मुश्किल होता है। छोटे मील्स का सेवन करने से एनर्जी स्तर बना रहता है।
मॉनसून के लिए बेस्ट है इंडियन थाली
जैसा कि इस मौसम में सबसे बेस्ट इंडियन थाली माना जाता है क्योंकि इसमें आसानी से पच जाने वाली कई चीजें होती हैं जैसे दाल, चावल, लौकी, तोरई, करेला, सहजन जैसी सब्जियां। खासतौर पर इन सब्जियों में एंटीमाइक्रोबियल गुण पाएं जाते हैं। यह शरीर में एनर्जी प्रदान करते हैं, पाचन मजबूत रहेगा और सुस्ती दूर होगी।
मॉनसून में किन चीजों का सेवन न करें?
इस मौसम में स्ट्रीट फूड्स का सेवन करने से बचें, लेकिन नमी वाले मौसम में बैक्टीरिया का खतरा अधिक होता है, जिससे फूड पॉइजनिंग हो सकती है इसलिए ठेलों पर बिकने वाली चीजों के सेवन से बचें। वहीं, आप मोमोज, नूडल्स, बर्गर, गोलगप्पे के सेवन से बचें। इसके साथ ही अधिक नमक वाली चीजों का सेवन करने से बचें वरना आप ब्लोटिंग का शिकार हो सकते हैं। इतना ही नहीं, हरी सब्जियां जैसे कि पालक का सेवन करने से भी बचें, मॉनसून में इन सब्जियों पर बैक्टीरिया जमा होते हैं जो पेट के इंफेक्शन का कारण बन सकता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
- यदि उल्टी या डायरिया की समस्या 24 घंटे से अधिक समय के लिए हो, तो डॉक्टर से जरुर संपर्क करें।
- ड्राई माउथ, चक्कर आना या यूरिन की मात्रा कम होने पर भी डॉक्टर से सलाह जरुर लें।
- यदि आपको तेज बुखार हो, स्टूल में ब्लड आना या पेट में तेज दर्द होने की समस्या है, तो डॉक्टर को जरुर दिखाएं।
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