By अंकित सिंह | Jul 07, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राम मंदिर के लिए मिले दान में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने सवाल किया कि वक्फ संस्थाओं द्वारा बड़े पैमाने पर ज़मीन पर कब्ज़े के मामले पर विपक्ष क्यों चुप रहा। प्रतापगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे दूसरे मुद्दों को नज़रअंदाज़ करते हुए चुनिंदा तौर पर हिंदू धार्मिक संस्थानों को निशाना बनाते हैं।
योगी ने कहा कि कांग्रेस ने राम के अस्तित्व को ही नकार दिया और समाजवादी पार्टी ने राम भक्तों पर गोलियाँ चलवाईं। उन्हें आस्था के बारे में बात करने का क्या हक़ है—वे लोग जो हिंदू विरासत से जुड़े धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए तय फंड को कब्रिस्तान की चारदीवारी बनाने में खर्च कर देते थे? वे किस तरह की आस्था की बात कर रहे हैं?... यह देश अब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के जाल में नहीं फँसेगा।
राम मंदिर से जुड़े दान और वित्तीय प्रबंधन के आरोपों को लेकर विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने पूछा कि उस ज़मीन का क्या हुआ जिस पर वक्फ़ ने कब्ज़ा कर लिया है? किसी खास नेता का नाम लिए बिना आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ पार्टियां मंदिर को लेकर विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रही हैं, जबकि करोड़ों भक्तों के लिए इसका बहुत महत्व है। ये टिप्पणियां राम मंदिर से जुड़े चंदे और वित्तीय लेन-देन के आरोपों को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच आई हैं। इस मुद्दे ने विपक्षी दलों को भाजपा सरकार और मंदिर ट्रस्ट को निशाना बनाने का नया मौका दे दिया है।
आदित्यनाथ ने इस अवसर का उपयोग भाजपा के उस व्यापक आरोप को दोहराने के लिए किया कि विपक्ष तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त है और केवल हिंदू धर्म और धार्मिक संस्थानों से संबंधित मामलों पर ही सवाल उठाता है। मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ में अपनी सरकार की विकास योजनाओं, जैसे कि स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स का भी ज़िक्र किया और कानून-व्यवस्था, रोज़गार और शासन-व्यवस्था के मुद्दों पर पिछली सरकारों पर फिर से निशाना साधा।
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