By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 30, 2026
... सौमोज्योति एस चौधरी ... जलंधर, 30 अक्टूबर भारतीय हॉकी टीम के रक्षापंक्ति के अनुभवी खिलाड़ी अमित रोहिदास ने स्पष्ट किया है कि एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) के बाद उनका संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी फॉर्म और फिटनेस अच्छी रही वह देश के लिए खेलना जारी रखना चाहते हैं। इस महीने की शुरुआत में ‘पीटीआई’ ने खबर दी थी कि चार अनुभवी खिलाड़ी मंदीप सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और नीलाकांता शर्मा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में अपना विदाई टूर्नामेंट खेल सकते हैं।
हमने ये खबरें देखी हैं, लेकिन मैं बहुत आगे की नहीं सोचता। मेरा ध्यान वर्तमान और अभी खेले जा रहे मैचों पर है।’’ नीलाकांता शर्मा पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि मौजूदा टूर्नामेंट उनके करियर का आखिरी टूर्नामेंट होगा। मंदीप, जरमनप्रीत और रोहिदास ने हालांकि देश के लिए खेलना जारी रखने की इच्छा जताई है।
रोहिदास ने कहा, ऐसा नहीं है कि मैं इस टूर्नामेंट के बाद संन्यास ले रहा हूं। मेरी ऐसी कोई योजना नहीं है। नीलाकांता ने संन्यास की घोषणा करते समय अपना फैसला स्पष्ट कर दिया था, लेकिन हममें से बाकी खिलाड़ियों को इस तरह के किसी फैसले की जानकारी नहीं थी।’’ ओडिशा के 33 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि फिलहाल उनका ध्यान एक समय में एक टूर्नामेंट पर है।
लॉस एंजिलिस ओलंपिक को लक्ष्य बनाकर चलना जरूरी है, लेकिन उससे पहले कई अहम प्रतियोगिताएं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बेशक, ओलंपिक को लक्ष्य बनाकर चलना चाहिए, लेकिन उससे पहले कई टूर्नामेंट होने हैं और हमें प्रत्येक के लिए अच्छी तैयारी करनी होगी। आपको लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा और पूरे समय अपनी फिटनेस बनाए रखनी होगी।’’ रोहिदास ने कहा, ‘‘हम एक समय में एक मैच की तैयारी करते हैं और उसी पर ध्यान केंद्रित रखते हैं।
सिर्फ इसलिए कि हमने एशियाई खेलों के जरिए ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है, इसका मतलब यह नहीं है कि अब हमारा पूरा ध्यान केवल ओलंपिक पर होना चाहिए। हमें हर मैच में अच्छा प्रदर्शन करना होगा।’’ पेनल्टी कॉर्नर के दौरान भारत के प्रमुख ‘फर्स्ट रशर’ रोहिदास ने मौजूदा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी को ओलंपिक की तैयारियों की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी तैयारियां काफी अच्छी रही हैं।
एशियाई खेलों के बाद मिले समय का हमने पूरा इस्तेमाल किया और अभ्यास में कड़ी मेहनत की। हमारी तैयारियों का फायदा मैदान पर प्रदर्शन में दिखाई दे रहा है। टीम में तीन-चार नए खिलाड़ियों को भी मौके मिल रहे हैं।’’ एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब के लिए भी खास महत्व रखती है, क्योंकि राज्य में 17 साल बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी हुई है।
पंजाब में इससे पहले 2009 में गोल्ड कप के रूप में अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट आयोजित किया गया था। भारतीय टीम के आधे से अधिक खिलाड़ियों के पंजाब से होने के कारण इस टूर्नामेंट का महत्व और बढ़ गया है। रोहिदास ने कहा, ‘‘ओडिशा में पिछले कुछ वर्षों में कई टूर्नामेंट आयोजित हुए हैं।
ऐसे में लंबे समय बाद पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी होना शानदार है। पंजाब के कई खिलाड़ियों ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है और यहां टूर्नामेंट का आयोजन होना बहुत बड़ी बात है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब सरकार ने इसका आयोजन बहुत अच्छी तरह किया है। मैं इसके लिए सरकार का आभार व्यक्त करना चाहता हूं।’’