अगर देश Hindu Rashtra बना तो सबसे बड़ा खतरा! सिद्धारमैया के बेटे दी चेतावनी

By अंकित सिंह | Aug 06, 2026

कर्नाटक के शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने हिंदू राष्ट्र की मांग की आलोचना की और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने से जुड़े खतरों के बारे में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की चेतावनी का ज़िक्र किया। 6 अगस्त को बीदर के चन्नाबसवा पट्टादेवरु थिएटर में कर्नाटक शोषित समुदाय महासंघ के सम्मेलन में बोलते हुए, मंत्री ने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों का मकसद लोगों को धार्मिक आधार पर बांटना है और उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि धर्म को राजनीति से अलग, एक निजी मामला ही रहना चाहिए।

उन्होंने तर्क दिया कि जाति व्यवस्था हिंदू धर्म में गहराई से बसी हुई है और चेतावनी दी कि हिंदू राष्ट्र सामाजिक असमानता को और बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म का मूल आधार जाति व्यवस्था है। अगर वह व्यवस्था वापस आती है, तो हम सभी का फिर से शोषण होगा। तब कोई अल्पसंख्यक नहीं बचेगा और अल्पसंख्यकों को दोयम दर्जे के नागरिकों की तरह रहना पड़ेगा। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का मतलब होगा शोषण की व्यवस्था को वापस लाना। मंत्री ने सांप्रदायिक समूहों पर समाज में बंटवारा करने के लिए धर्म का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "हमें उन सांप्रदायिक लोगों से लड़ना होगा जो धर्म का हथियार इस्तेमाल करके हमें बांटने की कोशिश कर रहे हैं। तभी हम अपने अधिकार और ताकत हासिल कर पाएंगे। वे धर्म के नाम पर हमें बांट रहे हैं।"

इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi की 'छात्रों की गूंज' को लगा झटका, Prayagraj में वेन्यू कैंसिल, सियासत तेज

यतींद्र सिद्धारमैया ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बुद्ध, बसव, अंबेडकर और कनकदास जैसी हस्तियों के नेतृत्व में सदियों तक चले सुधार आंदोलनों के बावजूद, धर्म ने जाति व्यवस्था को मान्यता दी है। उन्होंने कहा कि बुद्ध, बसव, अंबेडकर और कनकदास समेत कई लोगों ने जाति व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई लड़ी। फिर भी आज तक इसे खत्म नहीं किया जा सका है। इसकी वजह यह है कि हिंदू धर्म ने जाति व्यवस्था को अपनी मंज़ूरी दी है। उन्होंने भगवद गीता के उस वाक्यांश चातुर्वर्ण्यं मया सृष्टम् का ज़िक्र किया, जिसका इस्तेमाल अक्सर वर्ण व्यवस्था के समर्थन में किया जाता है।

देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

प्रमुख खबरें

Moksha के लिए Kashi में सिर्फ Vishwanath नहीं, इन 6 प्राचीन Temples की चौखट पर माथा टेकना है बेहद जरूरी

Tarun Tejpal Case में Bombay High Court का बड़ा फैसला, दुष्कर्म के दोषी पूर्व संपादक को 10 साल की सख्त जेल

LeT Terrorist Mohammad Lateef Bhat के खिलाफ Kashmir में लगाये गये पोस्टर, LG बोले- पूरे आतंकी नेटवर्क को करेंगे ध्वस्त

CJP के Abhijit Dipke शुरू करेंगे क्या बोलती पब्लिक अभियान, महंगी शिक्षा पर होगा फोकस