बोटॉक्स ट्रीटमेंट की मदद से बढ़ती उम्र में भी दिख सकते हैं जवां, जानें इसके फायदे और नुकसान

By प्रिया मिश्रा | Sep 30, 2021

बढ़ती उम्र का असर सबसे ज़्यादा हमारे चेहरे पर दिखाई देता है।  उम्र बढ़ने के साथ ही हमारे चेहरे पर झुर्रियां और फाइन लाइन्स साफ नज़र आने लगती हैं।  30 की उम्र का पड़ाव पार करते ही त्वचा का कसाव ढीला पड़ने लगता है और त्वचा की परत पतली हो जाती है। इससे चेहरे की नमी और तैलीयता खत्म हो जाती है और त्वचा रूखी और बेजान लगने लगती है। ऐसे में लोग अपने चेहरे की खूबसूरती बनाए रखने के लिए तरह-तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स और ब्यूटी ट्रीटमेंट्स का इस्तेमाल करते हैं।  पिछले कुछ समय से चेहरे को खूबसूरत और जवां दिखाने के लिए बोटॉक्स ट्रीटमेंट का इस्तेमाल बहुत ज़्यादा किया जा रहा है।  आइए जानते हैं बोटॉक्स ट्रीटमेंट क्या होता है-

बोटॉक्स एक प्रोटीन होता है जो क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम नाम के बैक्टेरिया से बनाया जाता है। बोटॉक्स का इस्तेमाल मसल्स और त्वचा की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए किया जाता है। रासायनिक के कारण यह किसी भी प्रकार के ब्लाकेज को रिलीज कर देता है। 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोग यह ट्रीटमेंट ले सकते हैं।  केवल महिलाऐं ही नहीं पुरुष भी बोटॉक्स ट्रीटमेंट करवाते हैं।  यह ट्रीटमेंट कोई  एक्सपर्ट कॉस्मेटिक सर्जन ही करता है। इसमें इंजेक्शन द्वारा मांसपेशियों को ढीला और गतिहीन किया जाता है।  इंजेक्शन से होने वाला दर्द महसूस न हो, इसके लिए डॉक्टर एनेस्थीसिया देते हैं। इंजेक्शन के निशान तुरंत  ही साफ हो जाते हैं। यह ट्रीटमेंट हर चार से छह महीने में लेना पड़ता है। यह झुरिर्यों को जल्दी आने से रोकता है आपको जवां दिखने में मदद करता है।  

बोटॉक्स के फायदे

बोटॉक्स का मुख्य तौर पर इस्तेमाल चेहरे की झाइयों और फाइन लाइन्स को कम करने के लिए किया जाता है।  लेकिन इसके अलावा भी इसके कई अन्य फायदे हैं।  बोटॉक्स को इस्तेमाल डिप्रेशन के मरीजों का ट्रीटमेंट करने के लिए भी किया जाता है। एक शोध में पाया गया है कि बोटॉक्स को जब आईब्रोज में इंजेक्ट किया जात है तो यह डिप्रेशन को कम करने में कारगार साबित हुआ है। इसके अलावा गर्दन में झटका होने पर पैदा हुई तकलीफ, हथेली में पसीना आने की गंभीर समस्या, बगल में पसीना आने की गंभीर समस्या, अधिक पेशाब आना माइग्रेन की समस्या के इलाज के लिए भी बोटॉक्स का इस्तेमाल किया जाता है।

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बोटॉक्स के साइड इफेक्ट

आमतौर पर बोटॉक्स इंजेक्शन को सुरक्षित माना जाता है। लेकिन टॉक्सिन को जब मसल्स या मसल्स एरिया में लगाया जात है तो शरीर के और हिस्सो में भी इसके फैल जाने का डर होता है। बोटॉक्स के कारण दर्द, सूजन, जहां इंजेक्शन लगाया गया हो वहां निशान, सिरदर्द, बुखार जैसे लक्षण, पलकों या भौहों में गड़बड़, लार बनना, आंखों का सूखना या अधिक आंसू आना जैसे साइड इफेक्ट्स देखने को मिल सकते हैं। डॉक्टर्स प्रेगनेंट महिलाओं और दूध पिलाने वाली मांओं को बोटॉक्स नहीं लेने की सलाह देते हैं।  इसके अलावा अगर आप एस्प्रिन या खून पतला करने की दवाइयां खा रहे हों तो इन्हें सात दिन पहले बंद कर दें।

- प्रिया मिश्रा 

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