मिसाइलों से लैस F-35 जेट जासूसी करने के इरादे से चुपचाप घुसा? भारत के कब्जे में दुनिया का सबसे उन्नत लड़ाकू विमान की क्या है कहानी?

By अभिनय आकाश | Jun 30, 2025

भारतीय एयर डिफेंस ने ऐसा क्या कर दिया है कि जिससे डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका की बड़ी डिफेंस कंपनी लॉकहीड मार्टिन परेशान हैं। डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका तो परेशान है ही साथ ही साथ ब्रिटेन भी फंसा हुआ है। एफ 35 बी ब्रिटेन के प्रिंस ऑफ वेल्स कैरियर बैटल ग्रुप का हिस्सा है। फिलहाल ये केरल के तिरुवंतपुरम एयरपोर्ट पर 16 दिनों से ऐसे ही खड़ा है। हर कोई इस बात से हैरान है कि 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा का ये फाइटर जेट आखिर खुले आसमान के नीचे धूप-बारिश में ऐसे ही पिछले दो हफ्ते से ज्यादा वक्त से क्यों खड़ा है। क्यों ब्रिटेन की रॉयल नेवी इस बात के लिए तैयार ही नहीं है कि उसे रनवे से हटाकर दूसरी जगह मेंटनेंस यार्ड या हैंगर में शिफ्ट कर दिया जाए। आखिर इसका क्या कारण है कि पिछले 16 दिनों से इतना महंगा प्लेन बारिश, तूफान, आंधी में यूं ही खड़ा है। लगातार एयरपोर्ट ऑथरिटी की तरफ से रॉयल नेवी को ये बताया जा रहा है कि आप इस जगह से इसे शिफ्ट करिए। 

भारत के कब्जे में दुनिया का सबसे उन्नत लड़ाकू विमान 

एफ 35 बी पांचवी पीढ़ी का दुनिया का सबसे उन्नत लड़ाकू विमान बताया जाता है। अमेरिका की टॉप डिफेंस कंपनी लॉकहीड मार्टिन इसकी जबरदस्त मार्केटिंग कर रही है। डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से इसकी पेशकश सार्वजनिक रूप से भारत को की जा चुकी है। अमेरिका भारत को एफ 35 देने के लिए बेकरार नजर आ रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या एफ 35 को लेकर जितने तरह के दावे किए जाते हैं। पांचवी पीढ़ी का फाइटर जेट होने के साथ साथ अदृश्य होने की क्षमता यानी आसमान में डिटेक्ट न होने की क्षमता क्या वाकई में एफ 35 के पास है? एफ 35 के पास वो तकनीक है कि रडार को चकमा दे सके। क्या उसका वाकई में रडार क्रॉस सेक्शन एरिया बेहद कम है जिससे रडार उसको पकड़ सकने में सक्षम नहीं है। अगर दुनिया के तमाम रडार सिस्टम को एफ 35 चकमा दे पा रहा था। फिर भारत के एंटीग्रेटेड एयर कमांड कंट्रोल सिस्टम ने कैसे एफ 35 को डिटेक्ट कर लिया। इसके साथ ही उसकी पूरी टाइमलाइन के साथ ट्रेक करके भारतीय वायु सेना के एसयू 30 के साथ भेजा गया। फिर एफ 35 के पायलट से संपर्क किया जाता है। 

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फ्यूल की कमी,  तकनीकी खराबी या फिर कुछ और?

बताया जाता है कि फ्यूल की कमी हो गई है और फिर वो तिरुवतपुरम के एयरपोर्ट पर लैंड करती है। रिफ्यूलिंग के बाद जब उसके उड़ने की व्यवस्था की जाती है तो बताया जाता है कि उसका हाइड्रोलिक सिस्टम फेल हो गया और वो उड़ ही नहीं सका। ऐसे में सवाल उठते हैं कि जो अमेरिका एफ 35 के पांचवी पीढ़ी के लड़ाकू विमान होने का दावा कर रहा है। बताया गया कि ये किसी भी रडार की पकड़ में नहीं आएगा। ये दुश्मन के क्षेत्र में जाएगा और अपना काम करके वापस चला आएगा। फिर भारत के आईएससीसीएस सिस्टम ने कैसे इसे डिटेक्ट किया। डिटेक्ट ही नहीं किया बल्कि इस फ्लाइट के पूरे पाथ की भी जानकारी भारत के पास थी। 

एफ-35 जेट क्या हैं 

एफ-35 लाइटनिंग II को संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए लॉकहीड मार्टिन द्वारा विकसित किया गया है, इसे दुनिया के सबसे उन्नत और बहुमुखी लड़ाकू जेट में से एक कहा जाता है। अमेरिका की तरफ से दावा किया जाता है कि एफ-35 में वह सब कुछ है जो आज हवाई युद्ध में आवश्यक है: उन्नत गोपनीयता, अद्वितीय स्थितिजन्य जागरूकता और नेटवर्कयुक्त युद्ध क्षमताएं। ये जेट बिना पता लगाए सुपरसोनिक गति से काम कर सकते हैं। एफ-35 तीन वेरिएंट में आता है। एफ-35A, जिसे पारंपरिक टेकऑफ़ और लैंडिंग के लिए डिज़ाइन किया गया है, F-35B, जो शॉर्ट टेकऑफ़ और वर्टिकल लैंडिंग में सक्षम है, और एफ-35C, एक कैरियर-आधारित मॉडल है। 

भारत से डर रहा ब्रिटेन 

भारत की तरफ से बारिश-धूप झेल रहे एफ 35 विमान को खुले आसमान से हटाकर बंद जगह में खड़ा करने का ऑफर दिया गया। इसे एयरपोर्ट का हैंगर कहा जाता है। विमान के लिए एक अस्थायी शेड बनाने की भी बात कही। लेकिन बताया जा रहा है कि ब्रिटिश नेवी ने प्रोटोकॉल का हवाला देकर इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। अंदेशा जताया जा रहा है कि ब्रिटिश नेवी को बंद जगह में भारत के द्वारा एयरक्रॉफ्ट का माइक्रो इंस्पेक्शन करने का डर है और इससे उसकी टेक्नोलॉजी लीक हो सकती है। अगर भारत को F-35 की सारी तकनीक पता चल जाए, तो एयरबैटल में उसे मार गिराना आसान हो जाएगा। 

विमान भारत का एयर डिफेंस परखने आया था?

विमान के भारत पहुंचने की टाइमिंग की वजह से सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं। 13 जून को इजराइल ने ईरान पर हवाई हमला शुरू किया था। अटकलें लगाई जा रही थीं कि ब्रिटेन और अमेरिका भी ईरान पर हमला शुरू कर सकते हैं। कुछ एक्स यूजर्स ने लिखा कि ब्रिटेन, ईरान पर हमले के पहले F-35 का स्टेल्थ फीचर जांचना चाहता था, इसलिए वह बहुत कम फ्यूल के साथ इंडियन एयर स्पेस में दाखिल हुआ और जब भारतीय रडार पर पकड़ा गया तो इमरजेंसी कॉल दे दी। कुछ यूजर्स का कहना है कि ये विमान भारत का एयर डिफेंस परखने आया था कि भारतीय रडार F-35B को डिटेक्ट कर सकते हैं या नहीं।

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