By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 21, 2021
बीजिंग। चीन ने रविवार को लिथुआनिया के साथ अपने आधिकारिक संबंध राजदूत स्तर से नीचे कर दिए। उसने यह कदम तब उठाया है जब बाल्टिक देश ने ताइवान को अपने यहां एक प्रतिनिधित्व कार्यालय खोलने की अनुमति दी है। दरअसल, ताइवान पर चीन अपना दावा जताता है। इससे पहले बीजिंग ने लिथुआनिया के राजदूत को निष्कासित कर दिया और देश से अपने राजदूत को भी वापस बुला लिया। बीजिंग का कहना है कि ताइवान के पास विदेशों के साथ संबंध स्थापित करने का कोई अधिकार नहीं है।
चीन उन देशों के साथ आधिकारिक संबंध रखने से इनकार करता है जो ताइवान को एक संप्रभु देश के तौर पर मान्यता देते हैं। उसने 15 देशों को ताइवान से संबंध खत्म करने के लिए राजी कर लिया है। इनमें से ज्यादातर अफ्रीका और लातिन अमेरिका में छोटे और गरीब देश हैं। अमेरिका और जापान समेत कई सरकारों के ताइवान के साथ व्यापक वाणिज्यिक संबंध रखने के साथ ही बीजिंग के साथ भी आधिकारिक कूटनीतिक संबंध हैं। कई देशों के व्यापार कार्यालयों के जरिए ताइवान की लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार के साथ संबंध हैं। ये व्यापार कार्यालय अनौपचारिक दूतावासों के रूप में काम करते हैं।