By अंकित सिंह | Jan 08, 2026
उत्तराखंड पुलिस ने 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक ऑडियो क्लिप को लेकर उठे विवाद के मद्देनजर पूर्व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक सुरेश राठौर की पत्नी अभिनेत्री उर्मिला सनावर से पूछताछ की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने एएनआई को बताया कि पुलिस ने उर्मिला सनावर के बयान दर्ज कर लिए हैं, जिन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक "वीआईपी" का नाम लेकर सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी थी।
एसएसपी ने बताया कि देहरादून के नेहरू कॉलोनी और दलनवाला पुलिस स्टेशनों में उर्मिला के खिलाफ दर्ज मामलों में पुलिस ने उनसे पूछताछ की है और उनके बयान दर्ज किए हैं। उन्होंने आगे बताया कि उर्मिला द्वारा खुद सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो के अलावा पुलिस को अभी तक कोई अन्य सबूत नहीं मिला है। एसएसपी ने यह भी बताया कि जांच अधिकारियों ने उर्मिला के बयानों की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली है। सनावर के खिलाफ देहरादून और हरिद्वार के कई पुलिस स्टेशनों में विभिन्न धाराओं के तहत कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इससे पहले उर्मिला सनावर को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था।
शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बहादराबाद पुलिस स्टेशन में उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ भाजपा नेता की छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। इससे पहले, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि दिवंगत बेटी अंकिता के माता-पिता के साथ आधिकारिक आवास पर एक बैठक हुई। इस दौरान, उन्हें उनकी मांगों पर कानूनी, निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। हमारी सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इससे पहले, धामी ने कहा कि उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले में पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ काम किया है। सचिवालय के मीडिया सेंटर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंकिता भंडारी मामले से संबंधित सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जघन्य अपराध की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए महिला अधिकारी रेणुका देवी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था, जिसने मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की।