By अंकित सिंह | Jul 19, 2026
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान को तब और तेज़ी मिली, जब ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) के सात अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया और कथित भ्रष्टाचार व बिना हिसाब-किताब वाले वित्तीय लेन-देन के लिए उनके ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई। यह कार्रवाई पिछले हफ़्ते चेन्नई के दो ज़ोन में की गई अचानक जांच के बाद हुई, जिसमें अधिकारियों को कथित तौर पर बिना हिसाब-किताब वाला कैश और संदिग्ध डिजिटल लेन-देन मिले।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों पर भ्रष्टाचार-रोधी कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है और साथ ही विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जा रही है। ज़ोन 6 में कोलाथुर, अयनवरम और पेराम्बुर जैसे इलाके आते हैं, जबकि ज़ोन 9 में सेंट्रल चेन्नई के कुछ हिस्से शामिल हैं, जिनमें थाउज़ेंड लाइट्स, माइलापोर और नुंगमबक्कम आते हैं। यह ताज़ा कार्रवाई, रिश्वतखोरी, फ़र्ज़ी बिलिंग और नौकरी के बदले पैसे लेने के रैकेट से जुड़े अलग-अलग आरोपों में GCC के छह अन्य अधिकारियों के सस्पेंड होने के कुछ ही दिनों बाद की गई है। अगर विभागीय जांच में आरोप साबित हो जाते हैं, तो अधिकारी अब नौकरी से बर्खास्तगी समेत और सख़्त कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं।
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