कांग्रेस ने गुजरात सरकार पर कोविड-19 के आंकड़े छिपाने का लगाया आरोप

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 27, 2020

मुंबई। महाराष्ट्र कांग्रेस ने आरोप लगाया कि गुजरात की भाजपा सरकार पर्याप्त संख्या में कोविड-19 जांच नहीं कर रही है और आंकड़ों को भी छिपा रही है। उल्लेखनीय है कि गुजरात उच्च न्यायालय ने दो दिन पहले विजय रूपाणी सरकार के उस फैसले पर सवाल उठाया था जिसमें निजी प्रयोगशालाओं को कोविड-19 जांच की अनुमति नहीं दी गई थी। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या यह राज्य में कृत्रिम तरीके से कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों को नियंत्रित करने का तरीका है।

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश की स्थिति भी लगभग ऐसी है। उन्होंने कहा कि इन राज्यों की सरकारों ने कोविड-19 के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। भाजपा नेताओं द्वारा कोरोना वायरस से संक्रमण की स्थिति को लेकर महाराष्ट्र सरकार की आलोचना करने पर पलटवार करते हुए सावंत ने कहा कि महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार के प्रदर्शन पर बात करने से पहले वे ‘ गुजरात के असफल मॉडल’’ को देखें। सावंत ने कहा, ‘‘ गुजरात में पर्याप्त संख्या में कोविड-19 जांच नहीं हो रही है और आंकड़ों को भी छिपाया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ गुजरात उच्च न्यायालय ने राज्य के स्वास्थ्य प्रणाली पर फटकार लगाई और अस्पतालों को कालकोठरी से भी बद्तर बताया। साथ ही उनकी तुलना ड्रबते टाइटेनिक जहाज से की।’’ सावंत ने आरोप लगाया, ‘‘ उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में भी कमोवेश यही स्थिति है और वहां की सरकारें कोरोना वायरस के समक्ष नतमस्तक हो गई हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अहमदाबाद में कोविड-19 को लेकर सरकार के समक्ष पक्ष रखते हुए महाधिवक्ता ने स्तब्ध करने वाले तथ्य रखे हैं।

इसे भी पढ़ें: राष्ट्रपति शासन लगाना ही है तो फिर गुजरात से हो शुरुआत, महाराष्ट्र की तुलना में बुरा है हाल: राउत

उन्होंने अदालत को बताया कि अधिक जांच करने पर 70 प्रतिशत आबादी कोरोना पॉजिटिव निकल सकती है। इससे लोगों में भय का माहौल बनेगा।’’ सावंत ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों की हालत को देखते हुए उसके नेताओं को महाराष्ट्र की स्थिति के बारे में बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वैज्ञानिक तरीके से कदम उठा रही है और वह ताली बजाने और दिया जलाने जैसी गतिविधियों में शामिल नहीं है। सावंत ने आरोप लगाया कि भाजपा सांसद नरायण राणे का राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग अचानक नहीं आई बल्कि यह केंद्र में भाजपा नेताओं की योजना का हिस्सा है।

प्रमुख खबरें

महाकुंभ वाले IIT वाले बाबा अभय सिंह ने कर ली शादी, जानें किस कॉलेज से की पढ़ाई, दोनों के पास हैं कौन-कौन सी डिग्रियां?

Pawan Khera की गिरफ्तारी के लिए छापे मार रही Assam Police, CM Himanta बोले- पहले उसको पेलूंगा, फिर उसका पेड़ा बनाऊँगा

FSSAI Controversy: भर्ती पर सवाल उठाने पर Activists के खिलाफ FIR, संस्था पर उठे सवाल

MP में Ambedkar Jayanti पर CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, 8 से 14 अप्रैल तक भव्य आयोजन