कृषि कानूनों के खिलाफ दिग्विजय सिंह का ऐलान, समूचे मध्य प्रदेश में होंगी किसान महापंचायत

By दिनेश शुक्ल | Feb 27, 2021

भोपाल। केंद्र सरकार के तीनों काले कृषि कानूनों के खिलाफ और किसानों की समस्याओं को लेकर समूचे मध्यप्रदेश में किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। यह घोषणा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने पत्रकारवार्ता कर की। उन्होंने कहा कि पिछले तीन माह से ज्यादा देश के 400 से ज्यादा किसान संगठन के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 3 काले कृषि कानूनों को हटाने एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य के गारंटी को लेकर पूरे देश में आन्दोलन चल रहा है, किन्तु सरकार की हठधर्मिता के कारण अभी तक किसानों की समस्याओं का केंद्र सरकार द्वारा समाधान नही निकाला गया है।

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दिग्विजय सिंह ने कहा कि जबकि कडकती ठण्ड में अब तक 200 से ज्यादा किसान अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं। लाखों की संख्या में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक कडकती ठण्ड और अब गर्मी में सरकार से अपनी मांगों को लेकर गुहार लगा रहे हैं। आज सरकार को सोचना चाहिए की किसानों की फसल पककर खेतों में तैयार है, किसान को खेत में होना चाहिए उसके विपरीत किसान खेत खलिहान छोड़कर अपनी जायज मांगों को लेकर सड़क पर धरने पर बैठा है, लेकिन सरकार के कानों में जू तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने कहा कि आज देश का किसान सरकार से सवाल कर रहा है कि यदि सरकार का काम जन कल्याणकारी होता है तो पहली बार ऐसा हो रहा है की इन कानूनों से जिन किसानों के हित होने की बात कही जा रही है। उन्हें इन कानूनों की आवश्यकता ही नहीं है। फिर भी सरकार किसानों के बजाये चुने हुए उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए किसानों पर इन कानूनों को थोपने का काम कर रही है। 

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दिग्विजय सिंह ने ऐलान किया कि मध्य प्रदेश के किसान संगठन व किसान हितैषी राजनैतिक पार्टियों के प्रतिनिधि मिलकर इन तीन कानूनों की सच्चाई बताने, भ्रम दूर करने और जन जागरण के लिए किसानों से सीधा संवाद करने के लिए मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में किसान महापंचायतों का आयोजन करेंगे और मध्य प्रदेश से देश में चल रहे किसान आन्दोलन को मजबूती प्रदान करेंगे। किसान महापंचायतों का सीधा उद्देश्य किसानों की बात, किसानों के बीच में करना है व् किसान आन्दोलन और गाँवों के बीच में एक समन्वय स्थापित करना है ताकि देश के किसान नेताओं की बात हमारे गाँवों के किसानों तक पहुंच सके। इन किसान महापंचायतों से मध्यप्रदेश के किसान अपने भविष्य का रास्ता तय कर सकेंगे। 

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किसान महापंचायत में राजनितिक चर्चा की बजाये सिर्फ किसान हित की ही चर्चा होगी। किसान महापंचायत का उद्देश्य किसानों से संवाद स्थापित करना है इसीलिए मंच की जगह सभी सम्मानीय आमंत्रित अतिथि जाज़म पर बैठेंगे और सिर्फ वक्ता ट्राली द्वारा बनाये गए मंच से अपनी बात रखेंगे। इस महापंचायत में किसी भी तरह का प्रदर्शन नहीं होगा, किसी का भी स्वागत नहीं होगा। किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए समस्त किसान हितेषी राजेनितिक दल एवं मध्यप्रदेश के किसानों के हितों के लिए काम करने वाले किसान संगठनों के पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। 

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