जीएसटी के खिलाफ कैट के भारत व्यापार बंद का मध्य प्रदेश में भी रहा असर

जीएसटी के खिलाफ कैट के भारत व्यापार बंद का मध्य प्रदेश में भी रहा असर

व्यापारी न तो सड़कों पर आए और न ही उन्होंने कारोबार किया। बंद को 35 से ज्यादा संगठनों का हमें सहयोग भी मिला। वहीं, कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश सचिव विवेक साहू ने कहा कि कंफेडरेशन की नागपुर में हुई बैठक के बाद इस बंद को आयोजित किया गया।

भोपाल। राजधानी भोपाल में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और भोपाल किराना व्यापारी महासंघ द्वारा जीएसटी के प्रावधानों के विरोध में बंद रखा गया। हालांकि बंद स्वैच्छिक रहा, लेकिन इसका असर प्रदेश के पुराने बाजारों के साथ खास तौर पर थोक किराना व्यापार पर नजर आया। भोपाल में थोक किराना समेत कई प्रमुख मार्केट बंद रहे। इसके चलते करीब 300 करोड़ के कारोबार के  नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

 

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पुराने भोपाल शहर के जुमेराती बाजार में शुक्रवार को सुबह से ही बंद का असर दिखाई दिया। यहां सभी व्यापारियों ने अपनी दुकानें नहीं खोलीं। भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महासचिव अनुपम अग्रवाल ने बताया कि हम चाहते हैं कि जीएसटी के कुछ प्रावधानों में बदलाव हो। उन्होंने कहा कि बंद पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा। व्यापारी न तो सड़कों पर आए और न ही उन्होंने कारोबार किया। बंद को 35 से ज्यादा संगठनों का हमें सहयोग भी मिला।

 

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वहीं, कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश सचिव विवेक साहू ने कहा कि कंफेडरेशन की नागपुर में हुई बैठक के बाद इस बंद को आयोजित किया गया। अधिकांश यूनियन इस बंद के समर्थन में हैं। देश के 8 करोड़ व्यापारी एवं 40,000 से अधिक व्यापारी संगठनो ने जीएसटी की विसंगतियों के खिलाफ भारत व्यापार बंद को अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर सफल बनाया। वही मध्य प्रदेश के भोपाल, जबलपुर, उज्जैन, सतना, नीमच रीवा, सागर, ग्वालियर, विदिशा सहित अनेक जिलों में भारत व्यापार बंद सार्थक रहा।





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