Donald Trump का मीडिया को अल्टीमेटम- 'गद्दार का नाम बताओ वरना जेल की सलाखों के पीछे जाओ!'

By रेनू तिवारी | Apr 07, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि ईरान के भीतर चलाए गए F-15E स्ट्राइक ईगल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सरकार के ही किसी 'भेजिए' (Insider) ने बेहद संवेदनशील जानकारी मीडिया को लीक कर दी। ट्रंप के अनुसार, इस लीक ने न केवल दूसरे पायलट की जान खतरे में डाली, बल्कि पूरे बचाव अभियान को और भी घातक बना दिया। सोमवार को व्हाइट हाउस में एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया आउटलेट को चेतावनी दी कि वे अपने सूत्र का नाम बताएं, वरना उन्हें जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने उस "भेदिए" को ढूंढ निकालने का भी संकल्प लिया, जिसने यह संवेदनशील जानकारी लीक की थी।

ट्रंप ने कहा कि इस खुलासे ने US सेना को एक बहुत ही मुश्किल स्थिति में डाल दिया। उन्होंने कहा, "यह अभियान और भी कठिन हो गया, क्योंकि एक भेदिए ने यह जानकारी लीक कर दी कि हमारे पास एक व्यक्ति है—हमने एक को बचा लिया है—लेकिन दूसरा व्यक्ति अभी भी बाहर है, जिसे हम बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"

मीडिया को चेतावनी: 'सूत्र का नाम बताओ, वरना जेल जाओ'

ट्रंप ने कहा कि US अधिकारी उस मीडिया संगठन से संपर्क करेंगे, जिसने यह रिपोर्ट प्रकाशित की थी, और सूत्र की पहचान बताने की मांग करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संगठन ने ऐसा करने से इनकार किया, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालाँकि, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि वह किस मीडिया आउटलेट का ज़िक्र कर रहे थे।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार उस संगठन पर दबाव बनाने के लिए 'राष्ट्रीय सुरक्षा' से जुड़े मुद्दों का हवाला देगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का मानना ​​है कि वे अंततः जानकारी लीक करने वाले सूत्र की पहचान कर ही लेंगे।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद, ईरान ने एक नोटिस जारी किया, जिसमें लापता पायलट को पकड़ने वाले को इनाम देने की घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा कि इस घोषणा ने चल रहे बचाव अभियान को और भी जटिल बना दिया। उनके अनुसार, इस घटनाक्रम ने बचाव अभियान से जुड़ी तात्कालिकता और जोखिम को काफी बढ़ा दिया।

इस जानकारी के लीक होने को एक गंभीर मामला बताते हुए, ट्रंप ने कहा कि इसके लिए ज़िम्मेदार व्यक्ति का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सूत्र का नाम नहीं बताया गया, तो इस मामले में शामिल पत्रकार को जेल भी जाना पड़ सकता है। F-15E पायलट को बचाने के लिए साहसी ऑपरेशन

खबरों के मुताबिक, शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिमी ईरान के ऊपर एक F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को मार गिराया गया। 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से, यह देश के अंदर किसी अमेरिकी लड़ाकू विमान के नष्ट होने का पहला पुष्ट मामला है।

विमान के दोनों क्रू सदस्य—एक पायलट और एक वेपन सिस्टम ऑफिसर—सफलतापूर्वक विमान से बाहर निकल आए (eject हो गए)। पायलट को तो कुछ ही देर बाद बचा लिया गया, लेकिन दूसरे एयरमैन का तुरंत पता नहीं चल पाया।

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह बचाव अभियान SEAL टीम 6 द्वारा चलाया गया, जिसमें सैकड़ों स्पेशल ऑपरेशंस सैनिक और अन्य अमेरिकी सैन्यकर्मी ईरान के काफी अंदर तक जाकर काम कर रहे थे।

रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी विमानों ने हवाई हमले किए और ईरानी काफिलों पर गोलीबारी की, ताकि उन्हें उस इलाके के करीब आने से रोका जा सके जहाँ माना जा रहा था कि वह एयरमैन छिपा हुआ है। ऑपरेशन के दौरान कमांडो ने भी आगे बढ़ रही ईरानी सेना को रोकने के लिए गोलीबारी का सहारा लिया, हालाँकि किसी सीधी मुठभेड़ (firefight) की खबर नहीं है। 

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