मखाना उत्‍पादन के ल‍िए 71 हजार तो खेत के ल‍िए 2 लाख रुपये दे रही सरकार

By जे. पी. शुक्ला | May 13, 2026

बिहार सरकार ने नेशनल मखाना बोर्ड के तहत फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए मखाना डेवलपमेंट स्कीम शुरू की है, जिसमें खेती से लेकर एक्सपोर्ट तक सप्लाई चेन में सब्सिडी दी जाएगी। इस स्कीम का मकसद मखाना, जिसे फॉक्स नट्स भी कहते हैं, के प्रोडक्शन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग को बढ़ाकर किसानों की इनकम बढ़ाना है। बिहार भारत में मखाना का सबसे बड़ा प्रोड्यूसर है। इस पहल से विशेष रूप से कोसी, मिथिलांचल और सीमांचल जैसे क्षेत्रों के किसानों को लाभ होगा।

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किसानों और यूनिट्स के लिए कितने तक सब्सिडी?

इस स्कीम के तहत सरकार ज़रूरी फाइनेंशियल मदद दे रही है:

- प्रति हेक्टेयर खेती की लागत: ₹97,000

- सब्सिडी: 75% तक यानि ₹71,600 प्रति हेक्टेयर

- खेत/तालाब विकास और संरचना तैयार करने के लिए करीब ₹2 लाख तक का अनुदान दिया जा रहा है

- यह सहायता पात्र किसानों को योजना की शर्तों के अनुसार दी जाती है।

प्रोसेसिंग यूनिट्स के लिए सब्सिडी:

- माइक्रो यूनिट्स: ₹5 लाख

- मीडियम यूनिट्स: ₹1.5 करोड़

- बड़ी यूनिट्स: ₹3.5 करोड़

- इसके अलावा, किसानों को खेत लेवल पर प्रोडक्ट मैनेजमेंट यूनिट्स के लिए ₹2 लाख की मदद मिलेगी 

किन किसानों को मिलेगा लाभ?

- बिहार के पंजीकृत किसान

- मखाना की खेती करने वाले या शुरू करने के इच्छुक किसान

- तालाब आधारित खेती करने वाले किसान

- किसान समूह और एफपीओ (FPO) भी पात्र हो सकते हैं

किन कामों के लिए मिलती है सहायता?

- मखाना उत्पादन : बीज और खेती की लागत और आधुनिक तकनीक अपनाने में सहायता

- खेत/तालाब विकास: तालाब की खुदाई या मरम्मत, खेती के लिए बुनियादी ढांचा तथा जल प्रबंधन व्यवस्था

- प्रोसेसिंग और भंडारण : कुछ योजनाओं में प्रोसेसिंग यूनिट और स्टोरेज के लिए भी सहायता उपलब्ध होती है

एलिजिबिलिटी और एप्लीकेशन प्रोसेस

स्कीम के लिए अप्लाई करने के लिए किसानों को ये करना होगा:

- बिहार का रहने वाला हो

- आधार कार्ड हो

- बैंक अकाउंट हो

- ज़मीन के मालिकाना हक के डॉक्यूमेंट्स हों

एप्लीकेशन इन तरीकों से जमा किए जा सकते हैं:

- सबसे पास का कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)

- बिहार एग्रीकल्चर ऐप

- ऑफिशियल पोर्टल: horticulture.bihar.gov.in

उद्देश्य 

इस स्कीम को इसलिए बनाया गया है:

- मखाना का प्रोडक्शन बढ़ाना

- बेहतर बीज और खेती की मॉडर्न तकनीक देना

- पारंपरिक औजारों की जगह एडवांस्ड इक्विपमेंट लाना

- प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को मज़बूत करना

- बेहतर प्रोडक्टिविटी और कीमत तय करके किसानों की इनकम दोगुनी करना

मखाना डेवलपमेंट स्कीम बिहार की पारंपरिक खेती को एक मॉडर्न, एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड इंडस्ट्री में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अच्छी सब्सिडी, इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट और ग्लोबल मार्केटिंग पहल के साथ, इस स्कीम से किसानों की इनकम में काफी बढ़ोतरी होने और ग्लोबल मखाना मार्केट में बिहार की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।

मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार की यह पहल किसानों के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकती है। उत्पादन से लेकर खेत और तालाब विकास तक मिलने वाली सब्सिडी खेती की लागत कम करने और आय बढ़ाने में मदद करेगी।

जो किसान मखाना की खेती करना चाहते हैं, उनके लिए यह योजना आर्थिक सहायता के साथ आधुनिक खेती अपनाने का अच्छा मौका है।

- जे. पी. शुक्ला 

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