ED की जांच में फंसे रहे मल्लिकार्जुन खड़गे, घर में रात्रिभोज का हुआ आयोजन, मेहमानों को करना पड़ा एक घंटे इंतजार

By अनुराग गुप्ता | Aug 05, 2022

नयी दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नेशनल हेराल्ड मामले से जुड़ी धनशोधन जांच के तहत कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से सात घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। इस दौरान उनके आवास पर रात्रिभोजन का आयोजन किया गया। जहां पर उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा, विपक्षी दलों के नेता और सांसद मौजूद रहे। एक वक्त के लिए ऐसा प्रतीत हुआ कि मेजबान मल्लिकार्जुन खड़गे खुद इस रात्रिभोज में नहीं पहुंच पाएंगे क्योंकि ईडी की कार्रवाई चल रही थी।

ईडी ने मल्लिकार्जुन खड़गे से सात घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे अपराह्न करीब 12 बजकर 40 मिनट पर आईटीओ के पास बहादुर शाह जफर मार्ग पर हेराल्ड हाउस भवन पहुंचे और ईडी के अधिकारियों से मिले। ईडी ने उनके खिलाफ समन जारी किया था, क्योंकि जांच एजेंसी चाहती थी कि यंग इंडियन के कार्यालय पर छापेमारी के दौरान कंपनी के प्रमुख अधिकारी के तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे मौजूद रहें। मल्लिकार्जुन खड़गे को रात लगभग साढ़े आठ बजे अपने निजी स्टॉफ के सदस्यों के साथ इमारत से बाहर निकलते देखा गया।

रात्रिभोज में शामिल हुए खड़गे

मेहमानों को तकरीबन एक घंटे तक इंतजार कराने के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे अपने आवास पर पहुंचे। इस दौरान तमाम मेहमान उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। मेहमानों में मार्गरेट अल्वा के अलावा सोनिया गांधी, राहुल गांधी, शरद पवार, प्रियंका चतुर्वेदी और तिरुचि शिवा सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे।

इसे भी पढ़ें: ED की जांच पर कांग्रेस का महासंग्राम, राहुल बोले- देश में लोकतंत्र नहीं, संसद में हमें बोलने नहीं दिया जा रहा 

मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्वीट किया कि उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा के लिए कल रात्रिभोज का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विपक्षी दलों के नेताओं ने भाग लिया। हम मार्गरेट अल्वा जी के साथ भाजपा के शासन में पीड़ित हर आम आदमी की आवाज बनने के लिए एकमत से खड़े हैं। 

प्रमुख खबरें

Vithabai Narayangaonkar की अनकही कहानी: तमाशा क्वीन जिनका जीवन बना श्रद्धा कपूर की फ़िल्म Eetha की असली प्रेरणा

Maruti Suzuki का बड़ा दांव! Brezza, Fronx, Grand Vitara में होंगे दमदार बदलाव, 2027 तक लॉन्च

UK में Keir Starmer अर्श से फर्श पर, प्रचंड बहुमत के 2 साल बाद ही क्यों देना पड़ा इस्तीफा?

Lucknow Fire Tragedy का Kanpur में असर, दो Artists की मौत के बाद अवैध इमारतों पर एक्शन लेने का आदेश