By अंकित सिंह | Jun 26, 2021
गुप्तेश्वर पांडेय किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी और बिहार के पूर्व डीजीपी एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। अपने बेबाक अंदाज के लिए अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं है। दरअसल, अधिकारी से नेता बने गुप्तेश्वर पांडेय अब धर्म और अध्यात्म की दुनिया में प्रवेश करते दिख रहे हैं। वह कथा वाचक के रूप में नजर आ रहे हैं। कथा सुनाते वक्त वह लोगों को कानून और उसकी धाराओं को भी समझाते हैं। कभी खाकी और फिर खादी में दिखने वाले गुप्तेश्वर पांडेय आजकल गेरुआ वस्त्र धारण कर चुके हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य का डीजीपी रहते हुए उन्होंने नौकरी से त्यागपत्र ले लिया था।
गुप्तेश्वर पांडेय ने बिहार के 26 जिलों में एएसपी, एसपी, एसएसपी, आईजी और एडीजी के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं। राजनीति में उनकी दिलचस्पी शुरू से रही है। 2009 में लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने वीआरएस लिया था। हालांकि टिकट नहीं मिलने के बाद वह दोबारा पुलिस सर्विस में वापस आ गए। गुप्तेश्वर पांडेय को सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने में विशेषज्ञ माना जाता था। संप्रदायिक मसलों को काबू करने में उन्हें महारत हासिल थी। वह लगातार अपने बयानों के लिए जाने जाते रहे हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें चुलबुल पांडे के तौर पर भी मशहूर किया जा चुका है।
सिंगर और बिग बॉस के स्टार रहे दीपक ठाकुर ने उनके लिए रोबिन्हुड गाना गाया था जिसके बाद वह काफी चर्चा में आ गए। यह भी आरोप लगा कि उनकी छवि चमकाने के लिए यह गाना गाया गया था। गुप्तेश्वर पांडेय को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का काफी करीबी माना जाता है। हालांकि राजनीतिक हलकों में इस बात की भी चर्चा रहती है कि पांडेय जी की संघ और भाजपा में भी अच्छी पकड़ है। कथा सुनाने के बारे में पूछे जाने पर गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि अभी मेरा मन इसी में रमा हुआ है। तन-मन-धन से वह इसी कार्य में जुटे हुए हैं। कोई परेशानी नहीं हो रही है। इस समय वह अयोध्या में कथावाचन कर रहे हैं। हनुमानगढ़ी में नित्य पूजा कर सबके लिए मंगल कामना कर रहे हैं।