By एकता | Sep 20, 2026
दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन ने शनिवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा। यह नोटिस दिशा की मौत की दोबारा जांच की मांग को लेकर आदित्य ठाकरे की ओर से की गई कथित टिप्पणी के बाद दिया गया है।
सतीश सालियन करीब शाम 4 बजे मातोश्री पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और मीडिया मौजूद था। शिवसेना (यूबीटी) के कई कार्यकर्ता भी वहां जुटे हुए थे। पुलिस ने सतीश सालियन और उनकी कानूनी टीम को कलानगर में प्रवेश की अनुमति दी, लेकिन सुरक्षा कारणों से ठाकरे परिवार के आवास के दरवाजे बंद रखे गए। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अनिल देसाई और विधान परिषद सदस्य अनिल परब भी अपनी कानूनी टीम के साथ वहां मौजूद थे।
दिशा सालियन की 2020 में मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। मुंबई पुलिस ने पहले जांच में किसी साजिश की बात से इनकार किया था।
इसके बाद उनके पिता सतीश सालियन ने बॉम्बे हाई कोर्ट में उनकी मौत की परिस्थितियों की नए सिरे से जांच की मांग की। 2 सितंबर 2026 को हाई कोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच करने, सतीश सालियन का बयान दर्ज करने और एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। साथ ही अदालत ने कहा था कि जांच में पर्याप्त सामग्री मिलने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाए।
सीबीआई ने 14 सितंबर को एफआईआर दर्ज की, जिसमें आदित्य ठाकरे समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं। हालांकि, हाई कोर्ट के निर्देश के मुताबिक किसी व्यक्ति को पर्याप्त सबूत मिलने तक आरोपी नहीं माना जाना है।
गुरुवार को आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियन को जानने या उनसे कभी मिलने से इनकार किया था। उन्होंने दिशा की मौत से उनका नाम जोड़ने की कोशिशों को राजनीतिक मकसद से की गई कार्रवाई बताया था।
सतीश सालियन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "केवल भगवान ही मुझे नियंत्रित कर सकते हैं, कोई और नहीं।" उनके वकील नीलेश ओझा ने कहा, "आदित्य ठाकरे को माफी मांगनी चाहिए या मानहानि की कार्रवाई का सामना करना चाहिए।"
रिपोर्टों के मुताबिक, मानहानि नोटिस में माफी मांगने, संबंधित बयानों को वापस लेने और 500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई है। नोटिस में जवाब के लिए सात दिन का समय दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। दिशा सालियन की मौत से जुड़ा मामला फिलहाल सीबीआई जांच के अधीन है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।