By अंकित सिंह | Sep 02, 2026
केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने बुधवार को सुन्नी इस्लामिक विद्वान शेख अबूबक्र अहमद के उस बयान को चुनौती दी जिसमें उन्होंने महिलाओं को घरों तक ही सीमित रखने की बात कही थी। सतीशन ने इसे इस्लामिक इतिहास की गलत व्याख्या बताया। राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सतीशन ने कहा कि हम उस बयान से बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं। यह बात प्रगतिशील केरल के अनुकूल नहीं है। हम किसी भी तरह से इससे सहमत नहीं हो सकते।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब 'समस्त केरल जमिय्यतुल उलमा' ने एक सर्कुलर जारी कर कहा कि महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर मौजूद नहीं रहना चाहिए या पुरुषों के साथ मंच साझा नहीं करना चाहिए। इसके बाद कांतपुरम ने कहा कि महिलाओं को अपने घरों तक ही सीमित रहना चाहिए। IUML केरल के अध्यक्ष सैयद सादिकअली शिहाब थंगल ने इस विवाद को कम करने की कोशिश करते हुए कहा कि हो सकता है कांतपुरम ने यह पाबंदी "महिलाओं के भले" के लिए लगाई हो, क्योंकि आज के समाज में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और गलत इस्तेमाल के मामले बढ़ रहे हैं।
रविवार को कोच्चि में एक इस्लामिक कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कांतपुरम ने कहा कि अगर महिलाएं सार्वजनिक जगहों पर जाती हैं, तो इससे भारी तबाही होगी। उनका यह बयान हाल ही में जारी एक विवादित सर्कुलर के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि "महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर मौजूद नहीं रहना चाहिए"। कांतपुरम ने महिलाओं की तुलना सोने के गहनों से की, जिन्हें सुरक्षित रखने की ज़रूरत होती है। उन्होंने कहा कि अगर हार की सुंदरता बनाए रखनी है, तो उसे एक डिब्बे में सुरक्षित रखना होगा। उन्होंने आगे दावा किया कि इस्लाम में महिलाओं के लिए पर्दा इसी वजह से ज़रूरी बताया गया है।
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