By अंकित सिंह | Oct 29, 2026
कर्नाटक मंत्रिमंडल ने गुरुवार को फैसला किया कि 1 नवंबर से दूध की कीमतों में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जाएगी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने यह घोषणा की। इस बढ़ोतरी में से 7 रुपये प्रति लीटर दूध उत्पादक किसानों को मिलेंगे, जबकि बाकी 1 रुपया दुग्ध सहकारी समितियों को दिया जाएगा। गौड़ा ने बताया कि यह फैसला किसानों और दुग्ध सहकारी समितियों की मांग पर लिया गया है। दूध उत्पादकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, जिसके चलते उन्होंने कीमतों में बढ़ोतरी की मांग की थी। उन्होंने आगे कहा कि मंत्रिमंडल ने इस मुद्दे पर दो-तीन बार चर्चा की और फिर सर्वसम्मति से कीमतों में इस बदलाव को मंजूरी दे दी।
उन्होंने आगे बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान किसान सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री, पशुपालन मंत्री और सहकारिता मंत्री से मुलाकात की थी। उन्होंने प्रति लीटर कम से कम 10 रुपये की बढ़ोतरी की मांग की थी। हालांकि, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई चर्चा के बाद कैबिनेट ने प्रति लीटर 8 रुपये की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया। गौड़ा ने कहा कि हालांकि किसानों ने 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मांग की थी, लेकिन यह माना गया कि इतनी ज्यादा बढ़ोतरी नहीं की जा सकती। आज मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट में हुई चर्चा के बाद, हमने 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है, जिसमें से 7 रुपये किसानों को मिलेंगे और 1 रुपया दुग्ध सहकारी समितियों को जाएगा।
गौड़ा के अनुसार, कर्नाटक में दूध उत्पादक किसानों को अभी लगभग 35 रुपये प्रति लीटर मिलते हैं, इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से 5 रुपये प्रति लीटर का प्रोत्साहन (इंसेंटिव) भी दिया जाता है। नई दरों के लागू होने के बाद, किसानों को मिलने वाली कीमत 35 रुपये से बढ़कर 42 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। सरकार की ओर से दिया जाने वाला 5 रुपये प्रति लीटर का मौजूदा प्रोत्साहन पहले की तरह मिलता रहेगा। इसका मतलब यह है कि दरों में बदलाव के बाद, सरकारी प्रोत्साहन को मिलाकर दूध उत्पादकों को कुल 47 रुपये प्रति लीटर मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि इस फैसले से पूरे कर्नाटक में लाखों किसान परिवारों को फायदा होगा।