By अंकित सिंह | Aug 07, 2026
पिछले कुछ महीनों में भारत के लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) इंपोर्ट बास्केट में काफ़ी बदलाव आया है और अमेरिका देश का सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत ने शुरू में अमेरिका से अपनी LPG ज़रूरतों का सिर्फ़ एक छोटा हिस्सा ही मंगाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब यह आंकड़ा तेज़ी से बढ़ गया है।
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि भारत ने कच्चे तेल के आयात स्रोतों को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक कर दिया है, जबकि पेट्रोल पंपों की संख्या 2014 के लगभग 52,000 से बढ़कर अब 1.07 लाख हो गई है। शहरी गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार भी 55 क्षेत्रों से बढ़कर 309 तक हो गया है। पुरी ने कहा कि आज अमेरिका भारत के लिए एलपीजी का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है, जो कुल आयात का लगभग 67 प्रतिशत है।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने 84,000 करोड़ रुपये के ‘समुद्र मंथन’ कार्यक्रम को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य गहरे समुद्र में तेल और गैस की खोज को बढ़ावा देना है। इस योजना में निजी क्षेत्र की भागीदारी होगी और सरकार ड्रिलिंग लागत का 50 प्रतिशत या प्रति कुआं 650 करोड़ रुपये तक मदद देगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपतटीय क्षेत्रों को खोज के लिए खोला है और भविष्य में लाइसेंस के और अवसर दिए जाएंगे। साथ ही, कम्प्रेस्ड बायोगैस और एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।