अनेक वैश्विक कंपनियां चीन से भारत आने की सोच रही हैं: निर्मला सीतारमण

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 01, 2019

मुंबई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि वैश्विक स्तर पर कारोबार कर रही करीब 12 कंपनियों ने चीन से अपने प्रतिष्ठान भारत में लाने में रुचि दिखायी है। उन्होंने कहा कि ये कंपनियां भारत में हाल में घोषित 15 प्रतिशत की आकर्षक कार्पोरेट आयकर दर का फायदा उठाना चाहती हैं। वित्त मंत्री ने विनिर्माण क्षेत्र में नए निवेश पर कार्पोरेट कर की 15 प्रतिशत की प्रतिस्पर्धी दर की घोषणा कुछ समय पहले ही की है। सरकार ने वर्तमान कंपनियों पर भी आयकर की दर 30 प्रतिशत से घटा कर 22 प्रतिशत कर दी है। इसी तरह विनिर्माण उद्योग में एक अक्टूबर 2019 के बाद गठित और 31 मार्च 2023 तक परिचालन शुरू करने वाली कंपनियों की आय पर कर की दर 25 प्रतिशत की जगह 15 प्रतिशत कर दी गयी है। 

वित्त मंत्री ने यहां इकोनामिक टाइम पुरस्कार वितरण समारोह में कहा कि मैंने कहा था कि मैं एक कार्य समूह बनाऊंगा जो चीन से निकलने वाली कंपनियों के मामलों पर गौर करेगा। इस बीच मैंने कर की दरें घटाने की घोषणा भी कर दी। उन्होंने कहा कि ऐसी बहुत सी कंपनियां हैं जो रुचि दिखा रही हैं और वापस आना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि कार्यबल शुरू हो गया है। उसने कंपनियों से संपर्क शुरू किया है। आखरी आकलन में मुझे बताया गया कि करीब 12 कंपनियों से बात हो चुकी है। उनको समझा गया है। उनकी उम्मीदों को जानने का प्रयास किया गया ताकि सरकार उनके सामने ठोस प्रस्ताव रख सके ताकि वे जहां है वहां से अपनी सुविधाएं भारत में ला सकें।

इसे भी पढ़ें: ट्रैवल कंपनी Cleartrip ने पेबैक इंडिया से मिलाया हाथ

वित्त मंत्री ने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर ऐसी परिस्थितियों का निर्माण होगा जिसमें नए उद्योग लग सकेंगे। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है , मैं इस मामले में कुछ प्रगति की जानकारी देने की स्थिति में होऊंगी। पांच वर्ष में बुनियादी क्षेत्र में 100 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा के बारे में उन्होंने कहा कि कार्यबल इस संबंध में 15 दिसंबर तक कम से कम 10 बड़ी परियोजनाओं की पहचान कर लेगा। इन परियोजनाओं पर शुरू में ही निवेश किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें: कोर्ट के सकल समायोजित राजस्व के निर्णय से दूरसंचार क्षेत्र तबाह हो जाएगा: FICCI

सीतारमण ने विश्वास जताया कि सरकार 15 दिसंबर तक कम से कम 10 बड़ी परियोजनाओं पर निवेश शुरू करने की घोषणा की स्थिति में होगी। वित्त मंत्रालय ने गत सितंबर में आर्थिक मामलों के सचिवके नेतृत्व में एक कार्यबल का गठन किया था। इसे बुनियादी ढांचा क्षेत्र के विकास के लिए 2010-20 से 2024-25 तक की अवधि में शुरू करने लायक ‘ राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की क्रमिक सूची ’ का वृहद खाका बनाने की जिम्मेदारी दी गयी है।

इसे भी पढ़ें: रेल हादसे रोकने में भी मददगार होगी आरटीआरएस तकनीक: सरकार

आर्थिक नरमी के विषय में वित्त मंत्री ने उम्मीद जताई की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अगले आंकड़े बेहतर होंगे। गौरतलब है कि चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितबर की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि घट कर 4.5 प्रतिशत पर आ गयी है जो छह साल की न्यूनतम दर है। पहली तिमाही में वृद्धि 5 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि सरकार माल एवं सेवा कर को और सरल बनाएगी। उन्होंने कहा कि जीएसटी की प्रणालियों को सहज बनाने पर कम पहले से चल रहा है।

प्रमुख खबरें

Manik Saha ने पूरा किया वादा: Judo Star Asmita Dey को मिला 10 लाख का Check और अगरतला में अपना घर

Commonwealth Fencing Championship: लागोस में Team India का दबदबा, तीसरे दिन 3 Gold समेत जीते 5 पदक

England Test Captain Joe Root ने खिलाड़ियों पर से हटाया Night Curfew, कहा- अपनी Responsibility खुद समझें Team Members

India vs Sri Lanka Test: Washington Sundar के बाहर होने से Team India की बढ़ी मुश्किलें, लगा बड़ा झटका