अमेरिकी अटॉर्नी ने PM मोदी को बताया अब्राहम लिंकन, अनुच्छेद 370 पर दिया बड़ा बयान

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 23, 2019

वाशिंगटन। भारतीय अमेरिकी अटॉर्नी रवि बत्रा ने कहा है कि आतंक को जड़ से खत्म करने की जरूरत है ताकि अधिकारों और स्वतंत्रता का कुछ अर्थ बना रहे। उनका यह बयान उस वक्त आया जब अमेरिका के कई सांसदों ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद राज्य में मानवाधिकारों के महत्व पर जोर दिया। न्यूयॉर्क से अटॉर्नी रवि बत्रा ने दक्षिण एशिया में मानवाधिकारों पर कांग्रेस की उप समिति के समक्ष अपनी बात कही।

इसे भी पढ़ें: करतारपुर कॉरिडोर समझौते पर कल हस्ताक्षर करेंगे भारत और पाकिस्तान

एशिया, प्रशांत और परमाणु अप्रसार पर सदन की विदेश मामलों की समिति की उपसमिति में बत्रा ने कहा कि जब सीमापार आतंकवाद हर रोज की बात बन चुकी है, घरेलू स्तर पर आतंकवादियों को बढ़ावा दिया जा रहा है और आप घर से बाहर नहीं आना चाहते क्योंकि आपको डर है कि कहीं विस्फोट की चपेट में नहीं आ जाएं। तो ऐसे में कोई व्यक्ति मानवाधिकार से पहले कुछ चाहता है तो वह है जिंदा रहना।

इसे भी पढ़ें: पाक सिंगर ने ''फिदायिन'' जैकेट पहनकर PM मोदी को दी धमकी

बत्रा ने कहा कि मुंबई में 26 नवंबर 2008 में हुए आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में, मैं चाहता हूं कि भारत से माफी मांगी जाए, उस हमले में यहूदी और अमेरिकियों को पाकिस्तान से आए आतंकियों ने चुन-चुनकर मारा था। तब मैंने संयम बरतने के लिए कहा था लेकिन मैं गलत था। आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की जरूरत है ताकि हमारे अधिकार और आजादी बरकरार रहे। बत्रा ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानूनी प्राधिकार के लिए कानून में संशोधन करने और कश्मीर में सीमापार तथा घरेलू स्तर पर पनपने वाले आतंकवादियों से लड़ाई में लोग हताहत नहीं हों, इसलिए भारी बल को तैनात करने जैसे असाधारण कदम उठाए हैं।

इसे भी पढ़ें: नदी का प्रवाह बदलने की भारत की कोशिश को उकसावे की कार्रवाई समझेगा पाक: कुरैशी

बत्रा को सदन की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष एलिट एंजल ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए निजी तौर पर आमंत्रित किया था। यहां बत्रा ने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म करने के बारे में मोदी की बात का जिक्र किया। बत्रा ने कहा कि उन्होंने (मोदी ने) कहा था कि उन्होंने यह कदम सभी भारतीयों को समान अधिकार और स्वतंत्रता देने के अपने वादे को पूरा करने के लिए उठाया।

इसे भी पढ़ें: कश्मीर पर दिेए अपने बयान पर कायम हैं मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर

पांच अगस्त 2019 को उन्होंने जो किया वह न्यायसंगत था। वह इसके लिए सतर्क और तैयार थे। कोई युद्ध नहीं हुआ। कोई फोन सेवा या इंटरनेट कनेक्शन नहीं था इसलिए आतंकी कुछ नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि भारत ने मुंबई आतंकी हमले से सबक लिया। यहां तक कि जम्मू-कश्मीर हवाईअड्डे पर आव्रजन जांच की पंक्ति में खड़े होते वक्त भी वहां फोन सेवा या इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध नहीं था। सुरक्षा बहुत मायने रखती है।

प्रमुख खबरें

Dularchand Yadav Murder Case: JDU MLA अनंत सिंह को मिली बड़ी राहत, Patna High Court ने दी जमानत

Assam Election: BJP की पहली लिस्ट जारी, Himanta Biswa Sarma फिर जलुकबारी से उतरेंगे मैदान में

US के लिए बहुत बड़ा परमाणु खतरा है Pakistan, Tulsi Gabbard के खुलासे के बाद Donald Trump ने पकड़ा माथा

Kim Jong Un को जिन्होंने वोट नहीं किया उनका क्या होगा? जानें- उत्तर कोरिया में कैसे होते हैं चुनाव